वाराणसी से बलिया तक आईडब्ल्यूएआई बनाएगा पांच अत्याधुनिक पोंटून पुल, 51 करोड़ रुपये होंगे खर्च

गंगा में मालवाहक जहाजों की आवाजाही को आसान और सुगम बनाने के लिए भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) वाराणसी से बलिया तक पांच अत्याधुनिक पोंटून पुल बनाएगा। इसके लिए राष्ट्रीय जलमार्ग-1 पर विशेष तकनीक से पुल निर्माण की योजना तैयार की गई है। इससे गंगा में मालवाहक जहाजों के परिचालन में आने वाली बाधाएं दूर होंगी और जल परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।
 

वाराणसी। गंगा में मालवाहक जहाजों की आवाजाही को आसान और सुगम बनाने के लिए भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) वाराणसी से बलिया तक पांच अत्याधुनिक पोंटून पुल बनाएगा। इसके लिए राष्ट्रीय जलमार्ग-1 पर विशेष तकनीक से पुल निर्माण की योजना तैयार की गई है। इससे गंगा में मालवाहक जहाजों के परिचालन में आने वाली बाधाएं दूर होंगी और जल परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।

आईडब्ल्यूएआई के अनुसार, राष्ट्रीय जलमार्ग-1 पर बिकपॉक पोंटून ओपनिंग मैकेनिज्म (बीपीओएम) से युक्त पुल बनाए जाएंगे। वाराणसी से बलिया तक पांच स्थानों पर इस सिस्टम को लगाने की योजना है। इनमें वाराणसी के समीप और गाजीपुर के चोचकपुर, सेमरा व गहमर सहित अन्य स्थान शामिल हैं।

आईडब्ल्यूएआई के निदेशक संजीव शर्मा ने बताया कि पांच बीपीओएम लगाने में करीब 51 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इन पुलों का निर्माण मालवाहक जहाजों के सुगम आवागमन को ध्यान में रखकर किया जाएगा। पुलों में ऑटोमेटिक खुलने की व्यवस्था होगी, जिससे जहाजों के गुजरने के दौरान आवागमन बाधित नहीं होगा।

उन्होंने बताया कि पुलों को खोलने और बंद करने में तीन से पांच मिनट का समय लगेगा। इससे सड़क यातायात और जल परिवहन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। परियोजना पूरी होने के बाद वाराणसी से बलिया तक गंगा में मालवाहक जहाजों की आवाजाही और अधिक सुगम होने की उम्मीद है।