BHU में छात्रों में मारपीट को जातिगत रंग देना गलत, अधिकारियों ने बताई घटना की असली वजह 

बीएचयू के राजाराम हॉस्टल में छात्रों के बीच मारपीट के मामले को जातिगत रंग देते हुए यूजीसी बिल समर्थन और विरोध से जोड़कर तूल दिया जा रहा है। अधिकारियों ने इसको लेकर स्थिति स्पष्ट की। बताया कि छात्रों के बीच मेस में खाना खाने के दौरान पुराने विवाद को लेकर मारपीट हुई। पीड़ित और आरोपी छात्र ओबीसी हैं। ऐसे में इसे जातिगत रंग देना गलत है। पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले को गलत ढंग से प्रस्तुत करते हुए वेवजह तूल न देने की अपील की। 
 

वाराणसी। बीएचयू के राजाराम हॉस्टल में छात्रों के बीच मारपीट के मामले को जातिगत रंग देते हुए यूजीसी बिल समर्थन और विरोध से जोड़कर तूल दिया जा रहा है। अधिकारियों ने इसको लेकर स्थिति स्पष्ट की। बताया कि छात्रों के बीच मेस में खाना खाने के दौरान पुराने विवाद को लेकर मारपीट हुई। पीड़ित और आरोपी छात्र ओबीसी हैं। ऐसे में इसे जातिगत रंग देना गलत है। पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले को गलत ढंग से प्रस्तुत करते हुए वेवजह तूल न देने की अपील की। 

डीसीपी काशी जोन गौरव बंसवाल ने कहा कि मंगलवार की रात राजाराम हॉस्टल में एक छात्र के साथ मारपीट की सूचना मिली थी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया था। मेस में खाना खाने के दौरान किसी पुराने विवाद को लेकर मारपीट हुई थी। उन्होंने बताया कि जिस छात्र ने मुकदमा दर्ज कराया है, उसने बताया कि उसने यूजीसी बिल के समर्थन को लेकर पोस्ट शेयर किया था। उसको लेकर विवाद हुआ था। 

डीसीपी ने बताया कि पुलिस परिसर में पहुंची और इसकी जांच की गई तो पता चला कि घटना का यूजीसी बिल से कोई जुड़ाव नहीं है, बल्कि छात्रों के ह्वाट्सएप ग्रुप में कुछ विवाद हुआ था, उसको लेकर मारपीट हुई। उन्होंने बताया कि पीड़ित छात्र ओबीसी समाज से है, और जिन छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया, उनमें पहला नाम जिस आरोपी छात्र का है वह भी ओबीसी ही है। ऐसे में इस मामले को जातिगत रंग देना बिल्कुल गलत है।