अंतरराज्यीय मीडिया टीम ने बरेका में देखी तकनीकी ताकत, ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ मॉडल की सराहना
वाराणसी। भारत सरकार के डेवलपमेंट कम्युनिकेशन एंड इंफॉर्मेशन डिसेमिनेशन कार्यक्रम के तहत जनकल्याणकारी नीतियों और औद्योगिक उपलब्धियों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रसारित करने के उद्देश्य से पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी), सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की 10 सदस्यीय विशेष मीडिया टीम ने बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) का विस्तृत भ्रमण किया। यह अंतरराज्यीय मीडिया दल सहायक निदेशक श्रीमती करिश्मा पंत के नेतृत्व में कर्नाटक से उत्तर प्रदेश पहुंचा। टीम में कर्नाटक के विभिन्न प्रमुख मीडिया संस्थानों के प्रतिनिधि और मंत्रालय के अधिकारी शामिल थे।
भ्रमण की शुरुआत जनसंपर्क अधिकारी श्री राजेश कुमार के स्वागत से हुई। इसके बाद मुख्य विद्युत इंजीनियर/लोको श्री अरविंद कुमार जैन के मार्गदर्शन में मीडिया प्रतिनिधियों ने लोको फ्रेम शॉप, असेंबली शॉप और टेस्ट शॉप का दौरा किया। इस दौरान उन्हें अत्याधुनिक मशीनरी, स्वचालित उत्पादन प्रणाली, गुणवत्ता नियंत्रण तंत्र और सुरक्षा मानकों की जानकारी दी गई।
मीडिया दल ने यात्री सेवा के लिए निर्मित WAP-7, मालवाहक WAG-9 तथा अमृत भारत लोकोमोटिव की निर्माण प्रक्रिया को करीब से देखा। साथ ही गैर-रेलवे ग्राहकों के लिए बनाए जा रहे डीजल लोकोमोटिव के उत्पादन संबंधी जानकारी भी साझा की गई। प्रतिनिधियों ने लोको कैब में उपलब्ध आधुनिक डिजिटल नियंत्रण प्रणाली, चालक-अनुकूल डिजाइन और उन्नत सुरक्षा सुविधाओं का अवलोकन किया।
विशेष रूप से बरेका द्वारा 11 देशों को 182 डीजल लोकोमोटिव निर्यात किए जाने की उपलब्धि ने मीडिया टीम का ध्यान आकर्षित किया। अधिकारियों ने इसे ‘मेक इन इंडिया – मेक फॉर द वर्ल्ड’ की परिकल्पना का सशक्त उदाहरण बताया। उप मुख्य विद्युत इंजीनियर/लोको श्री सुदीप रावत ने उत्पादन प्रक्रियाओं और गुणवत्ता आश्वासन प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी।
कार्यशाला भ्रमण के बाद प्रशासन भवन स्थित कीर्ति कक्ष में महाप्रबंधक आशुतोष पंत की अध्यक्षता में संवाद सत्र आयोजित हुआ। उन्होंने बरेका के इतिहास, उत्पादन क्षमता, आधुनिकीकरण और निर्यात उपलब्धियों पर प्रकाश डाला तथा मीडिया प्रतिनिधियों के प्रश्नों का तथ्यात्मक उत्तर दिया।
मीडिया प्रतिनिधियों ने बरेका की तकनीकी दक्षता, सुव्यवस्थित कार्य संस्कृति और वैश्विक उपलब्धियों की सराहना करते हुए इसे भारतीय रेल के औद्योगिक विकास का महत्वपूर्ण केंद्र बताया। यह भ्रमण देश की औद्योगिक आत्मनिर्भरता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को मजबूत करने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।