अंतरराष्ट्रीय योग दिवस: काशी में घाटों से मंदिरों तक योग, नमो घाट पर सामूहिक योगाभ्यास, स्वस्थ तन-मन के लिए हर दिन योगा डे मनाने का संकल्प
वाराणसी। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी पूरी तरह योगमय नजर आई। अस्सी घाट से लेकर नमो घाट तक गंगा तट के सभी प्रमुख घाटों पर हजारों लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। शहर के मंदिरों, शिक्षण संस्थानों, सरकारी कार्यालयों, सामाजिक संगठनों तथा विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर भी योग दिवस को उत्साहपूर्वक मनाया गया।
काशी के 84 घाटों पर सुबह से ही योग साधकों, विद्यार्थियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों की भारी भीड़ देखने को मिली। गंगा तट पर योगाभ्यास करते लोगों का दृश्य आकर्षण का केंद्र बना रहा। श्री काशी विश्वनाथ धाम, पुलिस लाइन, विभिन्न देवालयों, विश्वविद्यालयों, स्कूल-कॉलेजों, बरेका, रेलवे परिसर और अन्य संस्थानों में भी विशेष योग कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।
नमो घाट पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में शहर दक्षिणी विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी के साथ वाराणसी विकास प्राधिकरण, चिकित्सा विभाग, शिक्षा विभाग, आबकारी विभाग, नमामि गंगे परियोजना तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने सामूहिक योगाभ्यास किया। योग प्रशिक्षकों के निर्देशन में प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की क्रियाओं का अभ्यास किया।
इस अवसर पर विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री की परिकल्पना के अनुरूप मां गंगा के पावन तट पर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का भव्य आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन संस्कृति की अमूल्य देन है, जिसे आज पूरा विश्व अपना रहा है। योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं, बल्कि मन, बुद्धि और आत्मा को भी संतुलित एवं सशक्त बनाता है। उन्होंने लोगों से योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।
वहीं ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की प्रतिनिधि तपोषी बहन ने कहा कि संस्था का उद्देश्य "स्व-परिवर्तन से विश्व-परिवर्तन" है और योग इस लक्ष्य को प्राप्त करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि प्राणायाम और ध्यान मानसिक शांति एवं शारीरिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। यदि मन स्वस्थ रहेगा तो शरीर भी स्वस्थ रहेगा। उन्होंने लोगों से केवल योग दिवस पर ही नहीं, बल्कि वर्ष के प्रत्येक दिन योग करने का संकल्प लेने का आह्वान किया। योग दिवस के अवसर पर काशी में उमड़े जनसैलाब ने यह संदेश दिया कि योग केवल एक अभ्यास नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन जीने की जीवनशैली है।