चमकेंगे काशी के घाट, सीवर और स्ट्रीट लाइट दुरुस्त करने के निर्देश, लापरवाही पर गेल के खिलाफ होगी एफआईआर
नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में करोड़ों की विकास योजनाओं पर मुहर, एबीसी सेंटर की क्षमता 132 से बढ़कर 300 होगी
वाराणसी। नवरात्र, दुर्गा पूजा, छठ और देव दीपावली को देखते हुए नगर निगम ने शहर की सफाई, सीवर व्यवस्था, प्रकाश और बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने की तैयारी तेज कर दी है। सोमवार को महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में नगर निगम सभागार में आयोजित कार्यकारिणी समिति की बैठक में गंगा घाटों से सिल्ट हटाने, नवदुर्गा मंदिरों तक जाने वाले रास्तों की सफाई और स्ट्रीट लाइटें ठीक कराने सहित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर सहमति बनी। बैठक में ट्रेड लाइसेंस प्रक्रिया के सरलीकरण, काशी गौ संरक्षण एवं निरीक्षण उपविधि-2026 और 12 प्रमुख पर्यटन स्थलों के सुंदरीकरण से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।
घाटों की सफाई और सीवर व्यवस्था प्राथमिकता
उपसभापति नरसिंह दास ने गंगा में बाढ़ के बाद घाटों पर जमा सिल्ट को हटाने के लिए युद्धस्तर पर अभियान चलाने की मांग की। उन्होंने नवरात्र में नवदुर्गा मंदिरों तक जाने वाली गलियों और सड़कों पर सफाई व प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि घाटों की सफाई शुरू करा दी गई है और निगरानी के लिए नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं।
महापौर ने ऋषि मांडवी जोन में म्यूटेशन संबंधी विसंगतियों और पुराने वार्डों में सीवर-पेयजल पाइपलाइन बिछाने की धीमी गति पर नाराजगी जताई। उन्होंने जल निगम को मैनपावर बढ़ाने, तत्काल सीसीटीवी कैमरे लगवाने और मुख्य अभियंता को प्रत्येक 15 दिन में विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
गेल के खिलाफ एफआईआर के निर्देश
पार्षद अशोक मौर्य ने दुर्गा पूजा पंडालों के आयोजकों के साथ बैठक कर विसर्जन स्थलों का चयन करने और अस्थायी कुंड तैयार कराने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने बिजली विभाग और गेल की ओर से खुदाई से पहले संबंधित पार्षद को सूचना देने तथा क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत की जिम्मेदारी तय करने की मांग की। नगर आयुक्त ने बताया कि गेल की ओर से कई गलियों की मरम्मत नहीं कराई गई है। इस मामले में मुख्य अभियंता को कंपनी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है।
कुत्तों का बंध्याकरण बढ़ेगा, स्ट्रीट लाइटों की जवाबदेही तय
पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. विजय अमृतराज ने बताया कि ऐढ़ स्थित एबीसी सेंटर की क्षमता 132 से बढ़ाकर 300 कुत्तों की की जा रही है। बंध्याकरण की संख्या प्रतिदिन 10-12 से बढ़ाकर 20-25 करने की योजना है। पार्षद मदन मोहन तिवारी ने खराब स्ट्रीट लाइटों को 12 घंटे में ठीक कराने की व्यवस्था लागू करने की मांग की। महापौर ने स्पष्ट किया कि पांच साल के अनुबंध के तहत स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव और मरम्मत की जिम्मेदारी संबंधित कार्यदायी संस्था की होगी।
जलजमाव, सड़क मरम्मत और पारदर्शिता पर जोर
पार्षद संदीप रघुवंशी ने पूजा पंडालों के आसपास सफाई, सीवर और प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त करने तथा क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराने की मांग की। पार्षद संजय केशरी ने तीन वित्तीय वर्षों में हुए पौधरोपण का वार्डवार ब्योरा मांगा। वहीं, पार्षद सुशीला ने रोहनिया विधानसभा के 10 वार्डों में जलजमाव की समस्या के समाधान के लिए आईआईटी बीएचयू के विशेषज्ञों से सर्वे कराने का सुझाव दिया। महापौर ने तत्काल जलनिकासी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक में स्मार्ट सिटी के खर्च, करसड़ा कूड़ा निस्तारण प्लांट, लंबित निर्माण कार्यों, टेंडर प्रक्रिया और स्मार्ट सिटी ऐप पर शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता का मुद्दा भी उठा। रामनगर रामलीला स्थल पर नियमित सफाई, सीवर निकासी, प्रकाश और रास्तों की मरम्मत कराने पर भी जोर दिया गया। बैठक में उपसभापति नरसिंह दास, कार्यकारिणी सदस्य और नगर निगम के विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।