निर्माण कार्यों की निगरानी को लगाएं सीसीटीवी कैमरे बनाएं कंट्रोल रूम, विधानमंडल समिति ने दिए निर्देश
वाराणसी। जिले में विभिन्न विभागों की निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए उत्तर प्रदेश विधानमंडल की संयुक्त समिति (सार्वजनिक उपक्रम एवं निगम) की महत्वपूर्ण बैठक सर्किट हाउस सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता समिति की सभापति मनीषा अनुरागी ने की, जबकि सदस्यगण के रूप में गौरीशंकर वर्मा, मनीष रावत और महेंद्र नाथ यादव उपस्थित रहे। सभी अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर किया गया।
बैठक में जनपद की विभिन्न निर्माणाधीन परियोजनाओं से जुड़े कार्यदायी संस्थाओं के परियोजना प्रबंधकों, विभागीय अधिकारियों एवं कार्यालयाध्यक्षों ने भाग लिया। समिति ने सभी बड़ी परियोजनाओं पर सीसीटीवी कैमरे लगाने और जनपद स्तर पर एक कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए, ताकि कार्यों की नियमित और प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जा सके। साथ ही कहा गया कि परियोजनाओं की अद्यतन फोटोग्राफ ही समीक्षा के दौरान प्रस्तुत की जाएं और नामित नोडल अधिकारी समय-समय पर निर्माण स्थलों का निरीक्षण करते रहें।
समिति ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी कार्यदायी संस्थाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए। सड़क चौड़ीकरण के दौरान पेड़ों की कटाई के बाद वृक्षारोपण को लेकर भी विशेष दिशा-निर्देश दिए गए। स्वाति (डीएफओ) को निर्देशित किया गया कि जहां स्थान की कमी हो, वहां वैकल्पिक स्थान चिन्हित कर वृक्षारोपण कराया जाए और अधिक से अधिक फलदार पौधों को प्राथमिकता दी जाए।
पर्यटन विभाग द्वारा निर्माणाधीन परियोजनाओं के सही आंकड़े प्रस्तुत न करने पर समिति ने नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी से रिपोर्ट तलब की। इस पर जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने समिति को आश्वस्त किया कि सभी निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। बैठक में सेतु निर्माण और एप्रोच मार्गों की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया गया। समिति ने निर्देश दिया कि पुलों के साथ-साथ संपर्क मार्गों का निर्माण भी मानकों के अनुरूप किया जाए और सड़क सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन हो। निर्माणाधीन पुलों की क्रमवार समीक्षा करते हुए समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण कर शीघ्र हैंडओवर सुनिश्चित करने को कहा गया।
इसके अलावा, जल जीवन मिशन के तहत बन रहे ओवरहेड टैंकों और सड़कों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। क्षतिग्रस्त सड़कों की समय पर मरम्मत और गुणवत्तापूर्ण निर्माण पर जोर दिया गया, ताकि आमजन को आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा न हो। बैठक में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल, मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार, एडीएम प्रशासन विपिन कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। समिति ने सभी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने और कार्यों को पारदर्शिता एवं गुणवत्ता के साथ पूरा करने पर बल दिया।