काशी के आसमान में आज दिखेगा भारतीय वायुसेना का पराक्रम, राफेल, सुखोई और मिराज दिखाएंगे दमखम, दो चरणों में होगा आयोजन
12 एयरबेस से उड़ान भरेंगे विमान, कमेंट्री के साथ दो चरणों में होगा भव्य एयर शो
विंग्स ओवर गंगेज’ की थीम पर सजेगा काशी का आसमान, गंगा के ऊपर दिखेंगे हवाई करतब और आकर्षक फॉर्मेशन
कमेंट्री के जरिए दर्शकों को मिलेगी विमानों की खासियत की जानकारी
वाराणसी। धर्म और संस्कृति की नगरी काशी के आसमान में गुरुवार को भारतीय वायुसेना के शौर्य, पराक्रम और आधुनिक हवाई ताकत का अद्भुत नजारा देखने को मिलेगा। गंगा की लहरों के ऊपर आसमान में लड़ाकू विमानों की गर्जना के बीच वायुसेना के जांबाज पायलट अपने कौशल का प्रदर्शन करेंगे। ‘विंग्स ओवर गंगेज’ की थीम पर आयोजित इस भव्य एयर शो में देश के 12 अलग-अलग एयरबेस से विमान उड़ान भरकर काशी के आसमान में एक साथ नजर आएंगे।
दो चरणों में होगा एयर शो
एयर शो का आयोजन दो चरणों में किया जाएगा। पहला चरण सुबह 11:40 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक और दूसरा चरण दोपहर 1:30 बजे से 2 बजे तक निर्धारित है। इसमें राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000, एलसीए तेजस, मिग-29 और जगुआर जैसे लड़ाकू विमान अपनी ताकत दिखाएंगे। इनके साथ अत्याधुनिक हेलिकॉप्टर, परिवहन विमान और अन्य सहायक विमान भी प्रदर्शन में शामिल होंगे।
एयर शो को दर्शकों के लिए और रोचक बनाने के लिए विमानों की हवाई संरचनाओं यानी फॉर्मेशन को काशी की धार्मिक, सांस्कृतिक और भौगोलिक पहचान से जुड़े नाम दिए गए हैं। काशी, वरुणा, केदार, हनुमान, ओंकार, रुद्र, भागीरथी, महादेव और विश्वनाथ जैसे नामों वाले फॉर्मेशन काशी की आध्यात्मिक विरासत और भारतीय वायुसेना के शौर्य का संगम प्रस्तुत करेंगे। कमेंट्री के माध्यम से दर्शकों को विमानों और उनके प्रदर्शन की विशेषताओं की जानकारी भी दी जाएगी।
12 एयरबेस से उड़ान भरेंगे विमान
वायुसेना के लड़ाकू विमान और हेलिकॉप्टर 12 अलग-अलग एयरबेस से उड़ान भरेंगे। विंग्स ओवर गंगेज की थीम पर आयोजित होने वाले एयर शो में सभी विमान काशी में गंगा के ऊपर आसमान में एक साथ दिखेंगे। एयर शो को दो चरणों में बांटा गया है। पूर्वाह्न 11:40 से दोपहर 12:30 बजे और दोपहर 1:30 से 2 बजे तक प्रदर्शन एयर शो का प्रदर्शन होगा।
राफेल, सुखोई और मिराज का दिखेगा दम
एयर शो में वायुसेना के राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000, एलसीए तेजस, मिग-29 और जगुआर होंगे शामिल। वहीं एलसीएच, चिनूक, एएलएच मार्क थ्री, एएलएच मार्क फोर, अपाचे, चेतक, कामोव-31 और एमआई-17 हेलिकॉप्टर कौशल दिखाएंगे। परिवहन और अन्य सेवाओं में सी-295, सी-17, सी-130, एईडब्ल्यूएंडसी, आईएल-78, एएन-32 और पी-8आई भी होंगे शामिल।
काशी की पहचान से जुड़ेंगे हवाई फॉर्मेशन
एयर शो में हवाई फॉर्मेशन को काशी की धार्मिक, सांस्कृतिक और भौगोलिक विरासत से जोड़ने का प्रयास किया गया है। इनके नाम काशी, वरुणा, केदार, हनुमान, ओंकार, रुद्र, भागीरथी, त्रिदेव, अलकनंदा, भैरव, कैलाश, त्रिलोचन, नटराज, महादेव, विश्वनाथ, पशुपति, नीलकंठ, प्रचंड, एससीए, तेजस और दशअश्व रखे गए हैं। प्रत्येक फॉर्मेशन की अपनी अलग विशेषता होगी, जो आसमान में वायुसेना के सामूहिक कौशल, अनुशासन और सटीक तालमेल को प्रदर्शित करेगी।
गंगा के तट पर होने वाला यह आयोजन काशी के लिए खास आकर्षण का केंद्र रहेगा। लड़ाकू विमानों की तेज गति, हेलिकॉप्टरों के करतब और आसमान में बनती विभिन्न आकृतियां दर्शकों को रोमांचित करेंगी। भारतीय वायुसेना की ताकत और तकनीकी दक्षता का यह प्रदर्शन काशी की सांस्कृतिक पहचान के साथ देश के सैन्य पराक्रम की झलक भी पेश करेगा।