वाराणसी में भारत-EU कार्यशाला, यूपी के युवाओं को यूरोप में रोजगार पर मंथन
वाराणसी। प्रदेश के युवाओं को यूरोपीय देशों में सुरक्षित और कानूनी रोजगार दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। माइग्रेशन और मोबिलिटी पर सहयोग एवं संवाद (CDMM)-फेज़ II परियोजना के अंतर्गत “भारत-EU के मौकों को उत्तर प्रदेश से जोड़ना” विषय पर एक राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन शहर के एक होटल में किया गया। यह कार्यक्रम विदेश मंत्रालय, भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य युवाओं को यूरोपीय संघ (EU) में कानूनी प्रवासन (लीगल माइग्रेशन) के अवसरों की सही जानकारी देना और अनियमित प्रवासन तथा फर्जी भर्ती एजेंसियों से होने वाली ठगी के प्रति जागरूक करना रहा। विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को शेंगेन वीज़ा आवेदन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी और आवश्यक दस्तावेजों, नियमों व सावधानियों पर प्रकाश डाला। साथ ही विदेश जाने से पूर्व दिए जाने वाले प्रस्थान-पूर्व अभिविन्यास प्रशिक्षण (PDOT) के महत्व को रेखांकित किया गया, ताकि श्रमिक विदेश में अपने अधिकारों और कर्तव्यों को समझ सकें।
कार्यशाला में नैतिक भर्ती (एथिकल रिक्रूटमेंट) और सुरक्षित गतिशीलता चैनलों (सेफ मोबिलिटी चैनल्स) को बढ़ावा देने पर भी विशेष चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि पारदर्शी और अधिकृत एजेंसियों के माध्यम से ही विदेश रोजगार के लिए आवेदन करना चाहिए, जिससे प्रवासी श्रमिकों का शोषण रोका जा सके और उन्हें सुरक्षित कार्य वातावरण मिल सके।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित उत्तर प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश की बेरोजगारी दर देश में सबसे कम स्तर पर है और सरकार कुशल श्रमिकों को वैश्विक अवसरों से जोड़ने के लिए ठोस प्रयास कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि नरेंद्र मोदी के प्रयासों से यूरोपीय देशों के साथ हुए समझौतों ने रोजगार और व्यापार के नए रास्ते खोले हैं।
कार्यक्रम में मंडलायुक्त एस राज लिंगम सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे सही जानकारी और वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन कर विदेश रोजगार के अवसरों का लाभ उठाएं। आयोजन के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर सुरक्षित और सम्मानजनक रोजगार दिलाने की दिशा में सकारात्मक संदेश दिया गया।