वाराणसी में चेतावनी बिंदु से 3.20 मीटर नीचे गंगा, 67.06 मीटर पहुंचा जलस्तर, 4 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हो रही वृद्धि, नौका संचालन पर रोक
वाराणसी। गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। मंगलवार को जलस्तर 67.06 मीटर पर पहुंच गया, जो चेतावनी बिंदु से मात्र 3.20 मीटर नीचे है। जलस्तर में 4 सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से वृद्धि हो रही है। इसको देखते हुए प्रशासन अलर्ट हो गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर नौका संचालन पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गई है। सावन मास में घाटों पर उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। प्रमुख घाटों पर डीप वाटर बैरिकेडिंग के साथ जल पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।
एसीपी दशाश्वमेध डॉ. अतुल अनजान त्रिपाठी ने बताया कि गंगा के जलस्तर में करीब चार सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। ऐसे में गंगा के तेज बहाव और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए एहतियातन नौका संचालन पूरी तरह बंद करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि जलस्तर और बहाव की स्थिति सामान्य होने के बाद ही नौका संचालन दोबारा शुरू करने के संबंध में निर्णय लिया जाएगा।
सावन में काशी के घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। ऐसे में प्रशासन के सामने भीड़ को नियंत्रित करने के साथ गंगा में किसी अप्रिय घटना को रोकने की चुनौती है। इसे देखते हुए घाटों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। प्रमुख स्नान घाटों पर डीप वाटर बैरिकेडिंग की गई है, ताकि श्रद्धालु निर्धारित सीमा से आगे जाकर गहरे पानी में न उतरें।
गंगा में जलस्तर बढ़ने के साथ बहाव भी तेज होने के कारण जल पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें लगातार घाटों पर गश्त कर रही हैं। संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन की ओर से लाउडस्पीकर के माध्यम से श्रद्धालुओं को लगातार जागरूक किया जा रहा है और उन्हें गंगा में गहरे पानी में जाने से बचने की सलाह दी जा रही है।