वाराणसी में डिप्टी सीएम बृजेश पाठक का विपक्ष पर हमला, बोले- 'बाबरी मस्जिद के चंदे का हिसाब दें अखिलेश यादव'

उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने वाराणसी दौरे के दौरान मीडिया से बातचीत में विपक्ष, विशेषकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने सरकार पर लगाए जा रहे आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि विपक्ष पहले अपने सवालों का जवाब दे और यह बताए कि बाबरी मस्जिद के लिए जुटाए गए चंदे का क्या हुआ।
 

वाराणसी। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने वाराणसी दौरे के दौरान मीडिया से बातचीत में विपक्ष, विशेषकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने सरकार पर लगाए जा रहे आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि विपक्ष पहले अपने सवालों का जवाब दे और यह बताए कि बाबरी मस्जिद के लिए जुटाए गए चंदे का क्या हुआ।

हाल के एक मामले में दर्ज एफआईआर और उसकी जांच को लेकर पूछे गए सवाल पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार कानून व्यवस्था के मामले में पूरी तरह गंभीर है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि संबंधित प्रकरण में एफआईआर दर्ज कर ली गई है तथा निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच के दौरान जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

समाजवादी पार्टी द्वारा सरकार पर बड़े लोगों को बचाने और चंदे में कथित गड़बड़ी के आरोप लगाए जाने के सवाल पर बृजेश पाठक ने पलटवार करते हुए कहा कि जो लोग आज सरकार से सवाल पूछ रहे हैं, उन्हें पहले अपने कार्यकाल और अपने मुद्दों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा, "आप उनसे जाकर पूछिए कि बाबरी मस्जिद के चंदे का क्या हुआ?"

डिप्टी सीएम ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता कानून का राज स्थापित करना है और किसी भी मामले में राजनीतिक दबाव या प्रभाव के आधार पर कार्रवाई नहीं होगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच एजेंसियां पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ अपना कार्य कर रही हैं तथा किसी भी दोषी को बचाने का सवाल ही नहीं उठता।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अपराध और भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। चाहे मामला किसी भी व्यक्ति या किसी भी स्तर से जुड़ा हो, कानून अपना काम करेगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उपमुख्यमंत्री के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होने की संभावना है। विपक्ष की ओर से इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर भी राजनीतिक हलकों की नजर बनी हुई है।