मंडलीय समीक्षा बैठक में मंडलायुक्त सख्त, लापरवाही पर एडी हेल्थ और डीडी पंचायत का वेतन रोकने का दिया निर्देश
वाराणसी। मंडलायुक्त एस. राजलिंगम की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित मंडलीय समीक्षा बैठक में विकास परियोजनाओं, जनकल्याणकारी योजनाओं और विभागीय कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्ध तरीके से पहुंचाया जाए। साथ ही विकास परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने तथा नियमित निगरानी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में राजस्व, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, पेयजल, विद्युत, लोक निर्माण, ग्रामीण एवं शहरी विकास सहित विभिन्न विभागों की समीक्षा की गई। मंडलायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए शासन की मंशा के अनुरूप योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें, ताकि आमजन को अधिकतम लाभ मिल सके।
जननी सुरक्षा योजना के भुगतान में आ रही समस्याओं पर नाराजगी जताते हुए मंडलायुक्त ने अपर निदेशक स्वास्थ्य को प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही कार्यों में लापरवाही पर उनका एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश भी जारी किए। सभी जिलाधिकारियों एवं मुख्य विकास अधिकारियों को संबंधित मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के माध्यम से योजना की नियमित समीक्षा कर अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने को कहा गया।
नमामि गंगे योजना में पिछले माह अपेक्षित प्रगति न होने पर मंडलायुक्त ने जल निगम (ग्रामीण) के महाप्रबंधक को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। फैमिली आईडी, आईसीडीएस, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना, पौधरोपण अभियान की जियोटैगिंग, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई), ड्रॉप मोर क्रॉप तथा दिव्यांगजन उपकरण वितरण सहित विभिन्न योजनाओं की भी समीक्षा की गई।
बैठक में जौनपुर और गाजीपुर की कुछ योजनाओं में खराब रैंकिंग पर चिंता व्यक्त करते हुए दोनों जिलों को प्रदर्शन में सुधार लाने के निर्देश दिए गए। विद्यालयों की जर्जर इमारतों की मरम्मत, कुपोषण पर विशेष ध्यान, नई सड़कों के निर्माण में तेजी तथा समाज कल्याण विभाग की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर भी जोर दिया गया।
मंडलायुक्त ने आईजीआरएस के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने और शिकायतकर्ताओं से रैंडम फोन कर समाधान की पुष्टि करने के निर्देश दिए। विभागीय कार्यों की समुचित जानकारी प्रस्तुत न करने पर डीडी पंचायत का भी एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार, डीएफओ निधि चौहान सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि गाजीपुर, जौनपुर और चंदौली के जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।