72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप में सेमीफाइनल की तस्वीर साफ, महिला वर्ग में केरल–हरियाणा और पुरुष वर्ग में रेलवे–सर्विसेज आमने-सामने
वाराणसी। डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम, सिगरा में नगर निगम वाराणसी के तत्वावधान में आयोजित 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप अपने निर्णायक और रोमांचक दौर में पहुंच चुकी है। प्रतियोगिता के छठे दिन शुक्रवार को खेले गए क्वार्टरफाइनल मुकाबलों में दर्शकों को उच्च स्तरीय वॉलीबॉल, कड़े संघर्ष और शानदार खेल कौशल का साक्षी बनने का अवसर मिला। इन मुकाबलों के बाद महिला वर्ग में केरल और हरियाणा, जबकि पुरुष वर्ग में रेलवे और सर्विसेज की टीमों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया।
महिला वर्ग में केरल का दबदबा, यूपी को 3–0 से हराया
महिला वर्ग के पहले क्वार्टरफाइनल मुकाबले में केरल की सशक्त टीम ने उत्तर प्रदेश को सीधे सेटों में 3–0 (25–10, 25–20, 25–18) से पराजित कर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। पूरे मैच के दौरान केरल की टीम का तालमेल, रणनीति और आक्रामक खेल देखने लायक रहा। केरल की खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही मैच पर नियंत्रण बनाए रखा और यूपी को वापसी का कोई खास मौका नहीं दिया।
नेट पर अन्ना और अनुश्री की मजबूत ब्लॉकिंग ने उत्तर प्रदेश के आक्रमण को बार-बार विफल किया। वहीं अनुभवी सेटर नीतू ने अपनी सूझबूझ भरी सेटिंग से अटैकर्स को शानदार मौके दिए, जिससे यूपी का डिफेंस पूरी तरह दबाव में नजर आया। बैक रो में अनघा ने आउटसाइड हिटर के रूप में दमदार स्मैश लगाए और अहम अंक जुटाए। ऑल-राउंडर अन्ना वी. ने डिफेंस और अटैक दोनों में संतुलित प्रदर्शन करते हुए टीम को मजबूती प्रदान की। इस प्रभावशाली जीत के साथ केरल ने खुद को टूर्नामेंट के प्रबल दावेदार के रूप में स्थापित कर लिया है।
हरियाणा महिला टीम ने पश्चिम बंगाल को दी करारी शिकस्त
महिला वर्ग के दूसरे क्वार्टरफाइनल में हरियाणा की टीम ने पश्चिम बंगाल को 3–0 (25–16, 25–22, 25–19) से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। मुकाबला भले ही सीधे सेटों में समाप्त हुआ, लेकिन दूसरे सेट में पश्चिम बंगाल ने कड़ा संघर्ष किया। इसके बावजूद हरियाणा की सटीक रणनीति, मजबूत डिफेंस और आक्रामक स्मैश के आगे बंगाल की कोशिशें नाकाम रहीं।
हरियाणा की जीत में ज्योति और स्वाति की अहम भूमिका रही, जिन्होंने नेट पर शानदार ब्लॉक और प्रभावी सर्विस से टीम को बढ़त दिलाई। अल्पना और सविता ने आक्रमण को मजबूती प्रदान करते हुए लगातार अंक जुटाए। वहीं पूजा और तनु राठी ने खेल के नाजुक क्षणों में धैर्य और बेहतरीन तालमेल दिखाकर विपक्षी टीम की लय तोड़ दी। हरियाणा की यह जीत टीम की गहराई और संतुलन को दर्शाती है।
पुरुष वर्ग में रेलवे ने हरियाणा को 3–1 से हराया
पुरुष वर्ग के पहले क्वार्टरफाइनल में इंडियन रेलवे और हरियाणा के बीच जबरदस्त मुकाबला देखने को मिला। चार सेट तक चले इस रोमांचक मैच में रेलवे ने हरियाणा को 3–1 (25–20, 25–17, 22–25, 25–23) से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली।
रेलवे की ओर से कप्तान अंगामुथु ने अपने दमदार स्मैश और नेतृत्व क्षमता से टीम को आगे बढ़ाया। समीर चौधरी की सटीक सर्विस और रोहित कुमार की शानदार ब्लॉकिंग ने हरियाणा के हमलावरों को लगातार दबाव में रखा। लिबरो रामनाथन आर. ने रक्षापंक्ति में फुर्ती दिखाते हुए कई कठिन गेंदों को संभाला और जवाबी हमलों का रास्ता खोला। संजय मलिक और तनिष्क चौधरी ने बीच-बीच में शानदार ड्रॉप शॉट्स खेलकर स्कोरबोर्ड को गति दी। तीसरे सेट में हरियाणा ने वापसी जरूर की, लेकिन निर्णायक क्षणों में रेलवे ने संयम बनाए रखा और जीत सुनिश्चित की।
सर्विसेज ने राजस्थान को 3–0 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया
पुरुष वर्ग के दूसरे क्वार्टरफाइनल में सर्विसेज की टीम ने राजस्थान को सीधे सेटों में 3–0 से पराजित कर सेमीफाइनल का टिकट कटाया। पूरे मुकाबले में सर्विसेज का खेल संतुलित और आक्रामक रहा। हालांकि तीसरे सेट में राजस्थान ने कड़ी टक्कर देने की कोशिश की, लेकिन सर्विसेज की रणनीतिक बढ़त के आगे वह टिक नहीं सका।
इस जीत में विक्रम ने मुख्य अटैकर के रूप में अहम भूमिका निभाई और लगातार अंक जुटाए। शिखर एस. ने नेट पर अपनी फुर्ती से दर्शकों को प्रभावित किया, जबकि शमीमुद्दीन ने डिफेंस और अटैक के बीच बेहतरीन संतुलन बनाकर टीम की जीत में योगदान दिया।
क्वार्टरफाइनल मुकाबलों के दौरान खेल और राजनीति का अनूठा संगम देखने को मिला। आयोजन में कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, पूर्व विधायक सुरेंद्र नारायण सिंह और भाजपा नेता पंकज सिंह चंचल की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके अलावा मंडलायुक्त श्री एस. राजलिंगम और पूर्व प्राचार्य डॉ. सत्यदेव सिंह भी मैच देखने पहुंचे। आयोजन समिति के अध्यक्ष एवं महापौर अशोक कुमार तिवारी तथा सचिव सर्वेश पांडेय ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।