गर्मी में बाबा विश्वनाथ का फव्वारा से जलाभिषेक, अक्षय तृतीया से रक्षाबंधन तक रहेगी व्यवस्था
वाराणसी। गर्मी में बाबा विश्वनाथ का फव्वारा से जलाभिषेक किया जाएगा। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर शुरू होने वाली यह व्यवस्था श्रावण शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा यानी रक्षाबंधन तक रहेगी। अतिशय गर्मी में शीतलता प्रदान करने के उद्देश्य से यह व्यवस्था की जाएगी। गर्मी में धाम में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भी मंदिर प्रबंधन की ओर से विशेष इंतजाम किए गए हैं।
श्री काशी विश्वनाथ धाम के मुख्य अर्चक श्रीकांत मिश्रा ने बताया कि देवाधिदेव महादेव को जलधारा प्रिय है। इसी परंपरा के दृष्टिगत बाबा विश्वनाथ का अक्षय़ तृतीया के पावन पर्व से श्रावण मास के शुल्क पक्ष की पूर्णिमा यानी रक्षाबंधन तक जल की धारा अभिषेक होता है।
उन्होंने बताया कि अक्षय तृतीया का पुण्य पर्व 20 अप्रैल को पड़ रहा है। उस दिन से यह व्यवस्था शुरू होगी। बाबा विश्वनाथ का प्रातःकाल से लेकर सायंकाल तक फव्वारा के माध्यम से बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक होता रहेगा। उन्होंने बताया कि वर्षों से यह परंपरा चली आ रही है। उसका निर्वहन करते हुए इस वर्ष भी बाबा का जल की धारा से अभिषेक अक्षय़ तृतीया से प्रारंभ होगा।
उन्होंने कहा कि महादेव को जलाधिनाथ कहा जाता है। गर्मी की अतिशयता के कारण बाबा का जल की धारा से अनवरत अभिषेक चलता है। इस बार भी अक्षय तृतीया से रक्षाबंधन तक अभिषेक होता रहेगा।