सीर गोवर्धनपुर में बदला गया शिलापट्ट, अधूरे खड़ंजा-सीवर कार्य पर भड़का जनाक्रोश, नागरिकों ने घोटाले का लगाया आरोप
रिपोर्ट : ओमकारनाथ
वाराणसी। लंका क्षेत्र के सीर गोवर्धनपुर वार्ड नंबर 23 में खड़ंजा और सीवर लाइन निर्माण को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। यादव भवन की गली से युगधाम नगर कॉलोनी तक प्रस्तावित विकास कार्य में कथित अनियमितताओं के चलते स्थानीय लोगों में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला। चार दिन के भीतर शिलापट्ट बदले जाने और निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिए जाने से नाराज महिलाओं और पुरुषों ने मंगलवार को मौके पर पहुंचकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान घोटाले का आरोप लगाया। चेताया कि यदि शीघ्र दोबारा काम शुरू कराकर निर्माण पूरा नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन करेंगे।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि कुछ दिन पहले गली में लगाए गए शिलापट्ट पर खड़ंजा और सीवर लाइन दोनों के निर्माण का स्पष्ट उल्लेख था। इससे लोगों को उम्मीद जगी थी कि लंबे समय से चली आ रही जलभराव, गंदगी और बदहाल सड़क की समस्या से जल्द राहत मिलेगी, लेकिन लोगों को उस समय गहरा झटका लगा, जब कुछ ही दिनों के भीतर पुराने शिलापट्ट को हटाकर नया शिलापट्ट लगा दिया गया, जिसमें केवल खड़ंजा निर्माण का जिक्र है। सीवर लाइन का नाम तक उसमें शामिल नहीं किया गया।
महिलाओं का कहना है कि जो खड़ंजा बिछाने का कार्य शुरू किया गया, वह भी आधा-अधूरा छोड़ दिया गया है। गली का बड़ा हिस्सा आज भी कीचड़, गड्ढों और गंदे पानी से भरा पड़ा है। बरसात के मौसम में हालात और भी भयावह हो जाते हैं। स्थानीय निवासी शांति देवी ने बताया कि बारिश होते ही पूरी गली में घुटनों तक पानी भर जाता है। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों का निकलना मुश्किल हो जाता है और फिसलकर गिरने की घटनाएं आम हो गई हैं।
एक अन्य महिला ने बताया कि इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में गरीब परिवार रहते हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों को रोजाना कीचड़ और गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। कई बार बच्चों के कपड़े खराब हो जाते हैं और जूते हाथ में लेकर चलना पड़ता है। लोगों का कहना है कि यह समस्या वर्षों पुरानी है, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिलते हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार लगभग एक किलोमीटर लंबाई में खड़ंजा और सीवर लाइन बिछाने की योजना थी। हालांकि कई दिनों से काम पूरी तरह बंद पड़ा है। न तो कोई मजदूर दिखाई दे रहा है और न ही कोई अधिकारी या ठेकेदार मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहा है। लोगों ने आरोप लगाया कि कागजों में पूरा काम दिखाकर भुगतान कर लिया गया है, जबकि जमीनी स्तर पर हकीकत बिल्कुल अलग है।
विरोध प्रदर्शन की सूचना पर समाजवादी पार्टी के प्रदेश महासचिव (सयुस) अजय फौजी भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने सरकार व प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि काशी के सांसद स्वयं देश के प्रधानमंत्री हैं, मुख्यमंत्री का लगातार दौरा होता है, नगर निगम में मेयर भाजपा के हैं और क्षेत्रीय विधायक भी सत्तारूढ़ दल से हैं, इसके बावजूद इस इलाके में विकास कार्य अधर में लटके हुए हैं।
अजय फौजी ने आरोप लगाया कि सीवर लाइन पूरी तरह गायब है और खड़ंजा भी अधूरा पड़ा हुआ है। उन्होंने इसे सीधा-सीधा घोटाले का मामला बताते हुए कहा कि जनता के पैसे कहां गए और काम क्यों नहीं हुआ, इसका जवाब प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को देना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पार्षद केवल आश्वासन देने तक सीमित हैं और विधायक क्षेत्र में नजर नहीं आते।
स्थानीय निवासियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द निर्माण कार्य दोबारा शुरू नहीं हुआ और पूरे इलाके में सीवर व खड़ंजा बिछाने का काम पूरा नहीं किया गया, तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। महिलाओं ने कहा कि अब केवल कागजी कार्रवाई और वादों से काम नहीं चलेगा, उन्हें धरातल पर ठोस कार्रवाई चाहिए।