12 वर्ष में मोदी-योगी ने बदली काशी की तस्वीर, वैश्विक स्तर पर हुई बनारस मॉडल की चर्चा
डबल इंजन की सरकार 61,217.89 करोड़ रुपये की 727 विकास परियोजनाओं की दे चुकी सौगात
36,210.64 करोड़ रुपये की 536 परियोजनाएं पूर्ण होकर जनता को समर्पित
25,007.25 करोड़ रुपये की 191 परियोजनाएं निर्माणाधीन
सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और आधारभूत ढांचे के क्षेत्र में हुआ व्यापक विकास
विरासत और आधुनिकता के समन्वय से वैश्विक पहचान वाला बना "ब्रांड बनारस"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रभावी मॉनिटरिंग से विकास कार्यों को मिली नई रफ्तार
12 साल में विकास की भी गंगा तो काशी में पर्यटकों का उमड़ा सैलाब
वाराणसी। बदलते भारत की तस्वीर देखनी हो तो एक बार काशी अवश्य आइए। दुनिया के सबसे प्राचीन जीवंत नगरों में शामिल काशी अपनी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को संजोते हुए आधुनिक विकास की नई गाथा लिख रही है। वर्ष 2014 में केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनने और 2017 में उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार के गठन के बाद डबल इंजन सरकार ने वाराणसी सहित पूरे प्रदेश में विकास को अभूतपूर्व गति प्रदान की है।
काशी के सांसद व देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच तथा योगी सरकार की सतत निगरानी और प्रभावी क्रियान्वयन ने शहर के विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। बीते 12 वर्ष में काशी विकास, विरासत और आधुनिकता के अद्भुत संगम के रूप में उभरी है। आज "ब्रांड बनारस" विश्व पटल पर विशिष्ट और सशक्त पहचान स्थापित कर रहा है।
भाजपा की डबल इंजन सरकार ने पिछले 12 वर्ष में वाराणसी को विकास की लगभग 61,217.89 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली 727 परियोजनाओं की सौगात दी है। इनमें से अनेक परियोजनाएं पूर्ण होकर जनता को समर्पित की जा चुकी हैं, जबकि कई महत्वपूर्ण योजनाएं अंतिम चरण में हैं और शीघ्र ही लोकार्पित होंगी।
इन परियोजनाओं के माध्यम से आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने के साथ जल, थल और नभ तीनों माध्यमों में परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाया गया है। बेहतर कनेक्टिविटी ने पर्यटन, व्यापार और उद्योग को नई गति प्रदान की है। धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण एवं विकास के साथ तकनीकी उन्नयन के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय परिवर्तन देखने को मिल रहा है। ग्रामीण अंचलों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक विकास की नई तस्वीर उभरकर सामने आई है। इन प्रयासों से न केवल वाराणसी बल्कि पूरे पूर्वांचल के लोगों का जीवन अधिक सरल, सुगम और सुविधाजनक बना है। साथ ही रोजगार, स्वरोजगार और आजीविका के नए अवसर भी सृजित हुए हैं। आज काशी का विकास मॉडल देश ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी चर्चा और अध्ययन का विषय बनता जा रहा है। कई प्रदेश के जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी काशी के विकास मॉडल को देखने आते हैं।
एक समय था जब तंग गलियां, अव्यवस्थित यातायात, गंदगी और जर्जर आधारभूत सुविधाएं काशी की पहचान बन गई थीं। लटकते बिजली के तारों में उलझा बनारस और सीमित नागरिक सुविधाओं के कारण पर्यटक यहां आने से हिचकिचाते थे, लेकिन बीते 12 साल में विकास की सुनामी आई तो काशी में पर्यटकों का सैलाब उमड़ने लगा। काशी की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल गई। आज काशी में देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों का निरंतर बढ़ता हुआ सैलाब इस बदलाव का प्रमाण है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में काशी को आधुनिक और विश्वस्तरीय सुविधाओं से युक्त शहर के रूप में विकसित किया गया है। बेहतर सड़कें, व्यवस्थित यातायात, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वच्छता और सुगम कनेक्टिविटी ने शहर को नई पहचान दी है। इसी परिवर्तन का परिणाम है कि काशी ने जी-20 और ब्रिक्स जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी की तथा अनेक देशों के राष्ट्राध्यक्षों, विदेशी प्रतिनिधिमंडलों और राजनयिकों ने यहां आकर इसकी सांस्कृतिक, ऐतिहासिक, धार्मिक और आध्यात्मिक विरासत का अनुभव किया।
उत्तर भारत का गेटवे कही जाने वाली काशी अब विकास के नए मानक स्थापित कर रही है। काशी का विकास मॉडल आज विश्व के लिए मिसाल बनता जा रहा है। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि 2014 से 2026 तक वाराणसी में 61217.89 करोड़ की परियोजनाओं में से 36210.64 करोड़ की 536 की योजनाएं मूर्तरूप लेकर जनता को समर्पित हो चुकी हैं, जबकि 25007.25 करोड़ के 191 प्रोजेक्ट तेजी से आकार ले रहे है।
मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह ने बताया कि जनसुविधाओं के विकास का दायरा केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ग्रामीण अंचलों में भी आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर विशेष बल दिया गया है। उन्होंने कहा कि रोजगारपरक योजनाओं एवं स्वरोजगार से जुड़े कार्यों ने लोगों के जीवन को नई दिशा दी है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ ही युवाओं के लिए नए अवसर भी सृजित हुए हैं।
केंद्र में 12 साल और प्रदेश में 9 वर्ष की डबल इंजन सरकार की निगरानी, निर्देश, मार्गदर्शन में पूर्ण और लोकार्पित हुईं विकास की योजनाएं।
वर्ष - प्रोजेक्ट की संख्या - लागत करोड़ में
2014 -2 -268.25
2017-15-465.29
2018-65-3440.16
2019-39-3167.36
2020-53-3723.49
2021-129-7210.95
2022-44-555.22
2023-70-3721.2
2024-39-11454.96
2025-30-1149.07
2026-50-1054.69
वर्जन
विकास के कार्यों में टाइम लाइन के साथ गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा गया है। उच्च अधिकारियों द्वारा योजना बनाने से लेकर उसके क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जाता है। समय-समय पर जनप्रतिनिधियों का सुझाव तथा मुख्यमंत्री जी का मार्गदर्शन मिलता रहा है।विकास की योजनाओं में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया गया है। अच्छी कनेक्टिविटी ने उद्योग को बढ़ावा दिया है ,जिससे निवेश बढ़ा है। सुगम यातायात, पर्यटकों को सुविधा और सुरक्षा से काशी में पर्यटकों का सैलाब उमड़ रहा है।
सत्येंद्र कुमार
जिलाधिकारी
वाराणसी