आईआईवीआर में महिला किसानों को सिखाए कृषि आधारित स्वरोजगार के गुर, खाद्य प्रसंस्करण व मूल्य संवर्धन तकनीकों का प्रदर्शन
वाराणसी और मिर्जापुर की 100 महिला किसानों ने लिया हिस्सा, टमाटर प्रसंस्करण, मशरूम उत्पादन की बारीकी सीखी
कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली सात प्रगतिशील महिला किसान सम्मानित, छह महिला किसानों की सफलता गाथाएं भी संकलित
वाराणसी। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर-आईआईवीआर) में महिला किसान दिवस का आयोजन किया गया। इसमें वाराणसी और मिर्जापुर जनपदों की करीब 100 महिला किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ना, कृषि आधारित उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करना और स्वरोजगार के नए अवसरों की जानकारी देना रहा। इस दौरान विभिन्न तकनीकों का प्रदर्शन कर महिला किसानों को कम लागत में कृषि उपज का बेहतर उपयोग और अतिरिक्त आय अर्जित करने के तरीकों से अवगत कराया गया।
टमाटर प्रसंस्करण और मशरूम उत्पादन का प्रदर्शन
कार्यक्रम में टमाटर का निर्जलीकरण, उससे सॉस तैयार करने और सहजन की पत्तियों को सुखाकर संरक्षित करने की तकनीकें प्रदर्शित की गईं। महिला किसानों को निर्जलीकरण के लिए उपयुक्त टमाटर के चयन, प्रसंस्करण की विधियों और मूल्य संवर्धित उत्पाद तैयार करने की जानकारी दी गई। इसके साथ ही मशरूम उत्पादन और मशरूम स्पॉन यानी बीज तैयार करने की तकनीक का भी प्रशिक्षण दिया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से कृषि उत्पादों के संरक्षण और घरेलू स्तर पर छोटे उद्यम शुरू करने की संभावनाएं बताई गईं।
छह महिला किसानों की सफलता गाथाएं संकलित
कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), देवरिया के माध्यम से प्राप्त अनुभवों के आधार पर छह महिला किसानों की सफलता गाथाओं का संकलन किया गया। इनमें श्रीमती इंदु श्रीवास्तव, श्रीमती सविता देवी और श्रीमती पुनीता देवी के अनुभव शामिल हैं। इन गाथाओं में पारंपरिक धान-गेहूं की खेती से आगे बढ़कर सब्जियों और फलों की विविधीकृत खेती अपनाने की यात्रा को रेखांकित किया गया। बीजोपचार, जैव उर्वरकों के प्रयोग, समेकित कीट प्रबंधन और जैविक सब्जी उत्पादन जैसी तकनीकों पर भी जोर दिया गया।
सात प्रगतिशील महिला किसान सम्मानित
कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए वाराणसी की सुनीता पटेल, आभा श्री नीलम और रेशमी पटेल; मिर्जापुर की बीनू देवी; चंदौली की सुप्रिया राय और कुमारी साक्षी सिंह तथा बिहार के आरा की संध्या कुमारी को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूहों और किसान उत्पादक संगठनों ने भी भागीदारी की।
वैज्ञानिकों ने निभाई अहम भूमिका
संस्थान के निदेशक डॉ. राजेश कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम का समन्वय प्रधान वैज्ञानिक (कृषि प्रसार) डॉ. नीरज सिंह ने किया। आयोजन में डॉ. स्वाति शर्मा, डॉ. श्रेया पंवार, डॉ. धनंजय होंगल, डॉ. अर्चना सान्याल, डॉ. ज्योति देवी, डॉ. श्वेता कुमारी और डॉ. भुवनेश्वरी एस. ने योगदान दिया। कार्यक्रम के माध्यम से महिला किसानों के नवाचारों और उपलब्धियों को पहचान देने के साथ टिकाऊ एवं विविधीकृत कृषि को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।