IIT BHU में छात्रों को मिलेगी विश्वस्तरीय सुविधाएं, ₹105.84 करोड़ की लागत से बनेगा अत्याधुनिक MSACC
वाराणसी। आईआईटी बीएचयू में छात्र सुविधाओं और शैक्षणिक अवसंरचना को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। संस्थान परिसर में मालवीय स्टूडेंट एक्टिविटी एंड कंप्यूटिंग सेंटर (एमएसएसीसी) के निर्माण कार्य का शुभारंभ गुरुवार को वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ भूमि पूजन कार्यक्रम के जरिए किया गया। राजपूताना ग्राउंड में आयोजित इस समारोह में संस्थान के निदेशक प्रोफेसर अमित पात्रा ने भूमि पूजन कर परियोजना की आधारशिला रखी।
इस अवसर पर संस्थान के वरिष्ठ संकाय सदस्य, अधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान परियोजना की रूपरेखा और इसके महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई। आईआईटी (बीएचयू) के निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता मनीष कुमार ने बताया कि मालवीय स्टूडेंट एक्टिविटी एंड कंप्यूटिंग सेंटर को एक बहुउद्देशीय और छात्र-केंद्रित आधुनिक परिसर के रूप में विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य छात्रों को शैक्षणिक, तकनीकी, सांस्कृतिक, रचनात्मक और सामाजिक गतिविधियों के लिए एक समेकित मंच उपलब्ध कराना है।
उन्होंने बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना की कुल स्वीकृत लागत 105.84 करोड़ रुपये है। निर्माण कार्य जून 2026 से प्रारंभ हो चुका है और इसे दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लगभग 18 माह की अवधि में तैयार होने वाला यह केंद्र संस्थान की आधुनिक जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया जाएगा।
एमएसएसीसी में कई अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। प्रस्तावित भवन में 204 सीटों वाला सीनेट हॉल, 562 सीटों का विशाल ऑडिटोरियम, आधुनिक सेमिनार हॉल, कॉन्फ्रेंस कक्ष, लाउंज, कैफेटेरिया, कंप्यूटिंग हॉल, बैठक कक्ष, छात्र गतिविधि क्षेत्र तथा ओपन थिएटर जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके अलावा विभिन्न शैक्षणिक और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए भी विशेष व्यवस्था की जाएगी।
भूमि पूजन समारोह को संबोधित करते हुए निदेशक प्रोफेसर अमित पात्रा ने कहा कि यह परियोजना केवल एक भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि संस्थान के भविष्य में किया जा रहा एक महत्वपूर्ण निवेश है। उन्होंने कहा कि यह केंद्र छात्रों को नवाचार, नेतृत्व विकास, संवाद, टीमवर्क और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के लिए बेहतर अवसर प्रदान करेगा। साथ ही संकाय सदस्यों और शोधकर्ताओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन, संगोष्ठियों और अंतर्विषयी शोध गतिविधियों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
उन्होंने विश्वास जताया कि एमएसएसीसी के निर्माण से आईआईटी (बीएचयू) का परिसर अधिक जीवंत, नवाचारोन्मुख और वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित होगा। समारोह में संस्थान के विभिन्न अधिष्ठाताओं, विभागाध्यक्षों तथा केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) के वरिष्ठ अधिकारियों सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।