लंका पर लगा भीषण जाम, बीएचयू सिंह द्वार से रविदास गेट तक वाहनों की कतार, घंटों जाम में फंसे राहगीर
वाराणसी। लंका इलाके में शनिवार को सिंह द्वार से रविदास गेट तक भीषण जाम लगने से राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सड़क पर वाहनों का दबाव बढ़ने के कारण यातायात की रफ्तार पूरी तरह धीमी हो गई। देखते ही देखते मार्ग पर दोपहिया और चारपहिया वाहनों की लंबी कतार लग गई। कुछ मिनट की दूरी तय करने में लोगों को काफी समय लग गया।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के सिंह द्वार से रविदास गेट की ओर जाने वाले मार्ग पर शनिवार को दिनभर वाहनों का आवागमन अधिक रहा। एक साथ बड़ी संख्या में वाहनों के पहुंचने से सड़क पर यातायात का दबाव बढ़ गया। इसके बाद वाहन रेंगते नजर आए और कुछ स्थानों पर पूरी तरह ठहर गए। जाम में फंसे वाहन चालकों को काफी देर तक अपनी जगह पर खड़ा रहना पड़ा।
जाम का असर सबसे अधिक सिंह द्वार, लंका चौराहा और रविदास गेट के आसपास दिखाई दिया। सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लगने से पैदल आने-जाने वाले लोगों के लिए भी रास्ता मुश्किल हो गया। दोपहिया वाहन चालकों को वाहनों के बीच से निकलने में परेशानी हुई। वहीं, जरूरी काम से निकले लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में देरी का सामना करना पड़ा।
स्थानीय लोगों के अनुसार इस मार्ग पर विश्वविद्यालय, अस्पताल, बाजार और आसपास के क्षेत्रों में आने-जाने वाले लोगों की संख्या काफी अधिक रहती है। व्यस्त समय में वाहनों का दबाव बढ़ते ही यातायात व्यवस्था प्रभावित होने लगती है। लोगों का कहना है कि प्रमुख स्थानों पर यातायात नियंत्रण की प्रभावी व्यवस्था नहीं होने से जाम की समस्या गंभीर हो जाती है।
जाम में फंसे लोगों ने बताया कि मार्ग पर वाहनों की संख्या बढ़ने के बाद स्थिति लगातार बिगड़ती गई। स्थानीय लोगों ने व्यस्त समय में अतिरिक्त यातायात पुलिसकर्मियों की तैनाती, प्रमुख चौराहों पर बेहतर यातायात नियंत्रण और वाहनों के व्यवस्थित संचालन की मांग की है। शनिवार को लगे जाम ने एक बार फिर सिंह द्वार से रविदास गेट तक यातायात प्रबंधन की चुनौती सामने ला दी। लोगों का कहना है कि समय रहते प्रभावी यातायात व्यवस्था लागू की जाए तो इस मार्ग पर लगने वाले जाम से काफी हद तक राहत मिल सकती है।