सीएम योगी के आगमन पर वाराणसी में लगी मिशन 2027 की होर्डिंग, सियासी हलचल हुई तेज
वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के काशी आगमन के साथ ही शहर के प्रमुख चौराहे लगाए गए 'मिशन 2027' के बड़े-बड़े होर्डिंग राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गए हैं। भाजपा नेता एवं अधिवक्ता दीपक सिंह राजवीर की ओर से लगाए गए इन होर्डिंग में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व, उनकी सरकार की उपलब्धियों तथा आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर संदेश देने का प्रयास किया गया है।
होर्डिंगों में वर्ष 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संघर्षपूर्ण जीवन को "चाय वाला" के प्रतीक के रूप में दर्शाया गया है। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को गौसेवा और सनातन परंपरा के प्रति समर्पित बताते हुए "गाय वाला" की संज्ञा दी गई है। होर्डिंग पर लिखा संदेश "तीन बार आए चाय वाले (2014, 2019, 2024), अब 2027 में तीसरी बार आएंगे गाय वाले" लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित कर रहा है।
इन होर्डिंगों में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, गौसंरक्षण और सनातन संस्कृति जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से स्थान दिया गया है। कई स्थानों पर योगी आदित्यनाथ की गौसेवा करते हुए तस्वीरें और धार्मिक प्रतीकों के साथ उनके चित्र लगाए गए हैं, जिससे राहगीरों के बीच इनकी चर्चा लगातार बढ़ रही है।
भाजपा नेता दीपक सिंह राजवीर का कहना है कि उत्तर प्रदेश की जनता कानून-व्यवस्था, विकास और सांस्कृतिक संरक्षण के मुद्दों पर वर्तमान सरकार के कार्यों को सकारात्मक रूप से देख रही है। उनके अनुसार योगी सरकार ने अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, विकास परियोजनाओं को गति देने और गौसंरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री का काशी दौरा पार्टी कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार करेगा और "मिशन 2027" का संदेश प्रदेशभर में संगठन को और मजबूत करने का माध्यम बनेगा।
शहर के विभिन्न इलाकों में लगे इन होर्डिंगों को लेकर लोगों के बीच अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। समर्थक इसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और लोकप्रियता से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीतिक तैयारियों का संकेत हो सकता है। मुख्यमंत्री के काशी दौरे के बीच 'मिशन 2027' के ये होर्डिंग फिलहाल शहर की राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में बने हुए हैं।