डोमरी में 3.17 लाख पौधरोपण से बनेगा वर्ल्ड रिकॉर्ड, एक मार्च को ऐतिहासिक अभियान, वाराणसी नगर निगम विकसित कर रहा 350 बीघा में विशाल शहरी वन
वाराणसी। सुजाबाद स्थित डोमरी क्षेत्र में विकसित हो रहे ‘नमो उपवन’ में एक मार्च को 3 लाख 17 हजार 120 पौधों का रोपण कर नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की तैयारी है। नगर निगम की ओर से विकसित किए जा रहे इस विशाल शहरी वन में एक ही दिन इतने बड़े पैमाने पर पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का अनूठा उदाहरण पेश किया जाएगा।
350 बीघा में विकसित हो रहा आधुनिक शहरी वन
डोमरी क्षेत्र में लगभग 350 बीघा जमीन पर यह वन विकसित किया जा रहा है। इसे जापान की मियावाकी पद्धति और आधुनिक तकनीक के समन्वय से तैयार किया जा रहा है। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि परियोजना के लिए मध्यप्रदेश की एक संस्था से समझौता किया गया है। पहले वर्ष करीब सात करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और आगामी वर्षों में भी चरणबद्ध तरीके से बजट बढ़ाया जाएगा।
27 प्रजातियों के देशी पौधे होंगे शामिल
इस अभियान के तहत बांस, कचनार, अमलतास, पीपल, बरगद, अर्जुन, जामुन, हरसिंगार सहित कुल 27 प्रजातियों के देशी पौधे लगाए जाएंगे। साथ ही औषधीय पौधों और फूलदार प्रजातियों को भी स्थान दिया जाएगा, ताकि जैव विविधता को बढ़ावा मिल सके। अधिकारियों के अनुसार पौधों का चयन स्थानीय जलवायु और मिट्टी की प्रकृति को ध्यान में रखकर किया गया है।
सिंचाई के लिए विशेष शेड्यूल और बोरवेल की व्यवस्था
पौधों की बेहतर वृद्धि के लिए सिंचाई का विशेष शेड्यूल तैयार किया गया है। गर्मी के मौसम में सप्ताह में तीन बार 45 मिनट तक पानी देने की योजना बनाई गई है। इसके लिए स्थल पर पांच बोरवेल स्थापित किए गए हैं, ताकि पानी की कमी न हो और पौधों की जड़ों को पर्याप्त नमी मिल सके।
पर्यावरण और अर्थव्यवस्था दोनों को मिलेगा लाभ
नगर निगम का अनुमान है कि इस परियोजना से आने वाले वर्षों में राजस्व भी प्राप्त होगा। पांचवें वर्ष तक करीब 19.80 करोड़ रुपये की आय का लक्ष्य रखा गया है। सातवें वर्ष तक यह आय और बढ़ सकती है। इसके साथ ही शहर को स्वच्छ हवा, हरियाली और पर्यावरण संतुलन का बड़ा लाभ मिलेगा।