हाईकोर्ट से शंकराचार्य की गिरफ्तारी पर रोक, अजय राय बोले-सत्य और धर्म की जीत

इलाहाबाद हाईकोर्ट से शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की संभावित गिरफ्तारी पर रोक लगाए जाने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। अजय राय ने न्यायालय के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे “धर्म, सत्य और करोड़ों सनातनियों की जीत” बताया।
 

वाराणसी। इलाहाबाद हाईकोर्ट से शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की संभावित गिरफ्तारी पर रोक लगाए जाने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। अजय राय ने न्यायालय के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे “धर्म, सत्य और करोड़ों सनातनियों की जीत” बताया।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अदालत का यह फैसला संविधान और विधि के अनुरूप है तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का प्रतीक है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और प्रदेश की सरकारें सुनियोजित साजिश के तहत शंकराचार्य को बदनाम करने का प्रयास कर रही थीं। अजय राय ने कहा कि संत समाज की गरिमा से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार्य नहीं है और यह पूरे सनातन धर्म का अपमान है।

उन्होंने कहा कि दुर्भावना और द्वेष की भावना से किए जा रहे प्रयासों पर न्यायालय की रोक करारा जवाब है। “सत्य को दबाने की हर कोशिश अंततः विफल होती है -सत्यमेव जयते,” उन्होंने कहा। साथ ही यह भी जोड़ा कि कांग्रेस पार्टी संत समाज के सम्मान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक उठाया जाएगा।

अजय राय ने कहा कि काशी संत परंपरा की पवित्र भूमि रही है, जहां संतों का सम्मान सर्वोपरि माना जाता है। ऐसी परंपरा को आहत करने का कोई भी प्रयास निंदनीय है। उन्होंने कहा कि सरकार की तानाशाही अधिक दिनों तक नहीं चल सकती और जनता समय आने पर इसका जवाब देगी।

न्यायालय के फैसले के बाद उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार कांग्रेस महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने केदार घाट स्थित विद्या मठ पहुंचकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से भेंट की और उनका आशीर्वाद लिया। कांग्रेसजनों ने न्यायालय के निर्णय पर हर्ष व्यक्त किया। इस अवसर पर युवा कांग्रेस महानगर अध्यक्ष चंचल शर्मा, प्रमोद वर्मा, किशन यादव, प्रेमदीप तिवारी और अवधेश पाठक सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।