कचहरी में हाई अलर्ट: सुरक्षा व्यवस्था पर पुलिस का सख्त एक्शन, हर एंट्री पॉइंट पर कड़ी जांच के निर्देश

कचहरी परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय) शिवहरी मीणा ने पुलिस अधिकारियों, बार पदाधिकारियों, डॉग स्क्वाड और बम निरोधक दस्ते के साथ संयुक्त रूप से व्यापक निरीक्षण किया।
 

वाराणसी। कचहरी परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय) शिवहरी मीणा ने पुलिस अधिकारियों, बार पदाधिकारियों, डॉग स्क्वाड और बम निरोधक दस्ते के साथ संयुक्त रूप से व्यापक निरीक्षण किया।

इस दौरान उनके साथ पुलिस उपायुक्त (वरुणा) प्रमोद कुमार, अपर पुलिस उपायुक्त (प्रोटोकॉल) जंगबहादुर यादव, सहायक पुलिस आयुक्त (यातायात) अपूर्व पाण्डेय सहित कैंट थाना प्रभारी, कचहरी सुरक्षा प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे। वहीं सेंट्रल बार एसोसिएशन और बनारस बार एसोसिएशन के अध्यक्ष व महामंत्री भी निरीक्षण में शामिल हुए।

निरीक्षण के दौरान न्यायालय परिसर के सभी प्रवेश और निकास द्वारों की सुरक्षा व्यवस्था को परखा गया। पुलिस ने चेकिंग प्वाइंट, मेटल डिटेक्टर और तलाशी (फ्रिस्किंग) की प्रक्रिया का मौके पर परीक्षण किया और इसे और सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए।

इसके अलावा अदालत कक्षों के आसपास, वादकारियों के बैठने की जगह, अभिलेखागार (रिकॉर्ड रूम), लॉकअप और अन्य संवेदनशील स्थानों का भी बारीकी से निरीक्षण किया गया। परिसर में मौजूद पार्किंग व्यवस्था को भी जांचा गया और संदिग्ध या लावारिस वाहनों की पहचान कर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

पुलिस अधिकारियों ने सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता, कवरेज और कंट्रोल रूम की मॉनिटरिंग व्यवस्था की भी जांच की। निर्देश दिया गया कि सभी कैमरे सही तरीके से काम करें और 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि कोई भी संदिग्ध गतिविधि तुरंत पकड़ में आ सके।

इस दौरान डॉग स्क्वाड और बम निरोधक टीम ने पूरे परिसर में एंटी-सबोटाज चेकिंग अभियान चलाया। आधुनिक उपकरणों की मदद से सभी संवेदनशील और भीड़-भाड़ वाले स्थानों की जांच की गई, जिससे किसी भी संदिग्ध वस्तु या खतरे को समय रहते रोका जा सके।

निरीक्षण के बाद पुलिस अधिकारियों ने ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए। कहा गया कि बिना जांच किसी भी व्यक्ति को परिसर में प्रवेश न दिया जाए और केवल वैध पहचान पत्र वाले लोगों को ही अंदर आने दिया जाए। संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों पर विशेष नजर रखने के लिए भी कहा गया।

साथ ही यह भी निर्देश दिया गया कि कचहरी परिसर में अनावश्यक भीड़ न लगने दी जाए, पार्किंग व्यवस्थित रहे और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जाए। बार पदाधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने और आम जनता व अधिवक्ताओं के साथ विनम्र व्यवहार करने पर भी जोर दिया गया।

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य न्यायालय परिसर में सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और आमजन के विश्वास को और मजबूत करना है।