स्वर्ण पदक की हैट्रिक : बीएचयू के जूनियर रेजिडेंट ने रचा इतिहास, ऑर्थो सम्मेलन में लहराया विश्वविद्यालय का परचम
वाराणसी। हड्डी रोग विशेषज्ञों के वार्षिक सम्मेलन में काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के जूनियर रेजिडेंट डॉ राजा प्रसाद ने पोस्टग्रेजुएट पेपर प्रेजेंटेशन में डॉ भास्कर माल स्वर्ण पदक हासिल कर इतिहास रच दिया। इस उपलब्धि के साथ विभाग ने लगातार तीसरी बार स्वर्ण पदक जीतकर हैट्रिक पूरी कर ली है, जिसका श्रेय एसोसिएट प्रोफेसर डॉ संजय यादव के कुशल मार्गदर्शन को दिया जा रहा है।
पोस्टग्रेजुएट पेपर प्रेजेंटेशन में शानदार प्रदर्शन
सम्मेलन के दौरान डॉ राजा प्रसाद ने अपने शोधपत्र का प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण किया, जिसे निर्णायकों ने सर्वश्रेष्ठ माना। प्रतियोगिता में देश के विभिन्न संस्थानों से प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था, लेकिन डॉ राजा ने अपनी तैयारी और शोध की गुणवत्ता से सभी को पीछे छोड़ते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
लगातार तीसरी बार स्वर्ण, बनी हैट्रिक
इससे पहले वर्ष 2024 में डॉ पुनीत कुमार मोहंती ने प्रयागराज में आयोजित यूपी ऑर्थोकॉन में पेपर प्रेजेंटेशन के लिए स्वर्ण पदक जीता था। वहीं वर्ष 2025 में डॉ अमित अग्रवाल ने वाराणसी में आयोजित राष्ट्रीय ट्रॉमा मीटिंग ‘Ottscon’ में स्वर्ण पदक प्राप्त किया था। अब 2026 में डॉ राजा प्रसाद की उपलब्धि के साथ विभाग ने स्वर्ण पदकों की हैट्रिक पूरी कर ली है।
डॉ संजय यादव का मार्गदर्शन बना सफलता की कुंजी
इस निरंतर सफलता का श्रेय विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ संजय यादव को दिया जा रहा है। डॉ यादव पीजीआई चंडीगढ़ और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली से प्रशिक्षित हैं। वे न केवल क्लिनिकल सेवाओं में सक्रिय हैं, बल्कि विभाग में शैक्षणिक गतिविधियों को भी नई दिशा दे रहे हैं। पूर्वांचल की जनता को उच्चस्तरीय चिकित्सा सेवा देने के साथ-साथ वे युवा डॉक्टरों को शोध और प्रस्तुतीकरण के लिए प्रेरित करते हैं।
बीएचयू के लिए गर्व का क्षण
डॉ राजा प्रसाद की यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत करियर के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि बीएचयू और पूरे पूर्वांचल के लिए भी गर्व का विषय है। विभाग में इस सफलता को उत्साह और गर्व के साथ मनाया गया।