वाराणसी सेंट्रल जेल में 'हरित क्रांति', 330 किलोवाट के सोलर प्लांट से रोशन होगा परिसर

योगी सरकार प्रदेश के बंदी सुधार गृहों में सुधार के साथ-साथ उन्हें आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल कर रही है। सरकार  वाराणसी स्थित सेंट्रल जेल को सौर ऊर्जा से लैस कर रही है। जेल परिसर में 330 किलोवाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट स्थापित करने का कार्य चल रहा है। इसके शुरू होने से न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि सरकारी खजाने पर पड़ने वाला वित्तीय बोझ भी कम होगा। साथ ही बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में भी जेल की सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में यह परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
 

बिजली बिल में होगी 50 प्रतिशत तक की बचत, पर्यावरण संरक्षण के साथ सरकारी खर्च भी होगा कम

योगी सरकार की बंदी सुधार गृहों को आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ी पहल

वाराणसी। योगी सरकार प्रदेश के बंदी सुधार गृहों में सुधार के साथ-साथ उन्हें आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल कर रही है। सरकार  वाराणसी स्थित सेंट्रल जेल को सौर ऊर्जा से लैस कर रही है। जेल परिसर में 330 किलोवाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट स्थापित करने का कार्य चल रहा है। इसके शुरू होने से न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि सरकारी खजाने पर पड़ने वाला वित्तीय बोझ भी कम होगा। साथ ही बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में भी जेल की सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में यह परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

बिजली बिल में होगी भारी बचत

सेंट्रल जेल के अधीक्षक राधा कृष्ण मिश्रा ने बताया कि जेल परिसर में 330 किलोवाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट स्थापित किया जा रहा है। इसके माध्यम से प्रतिदिन लगभग 1,400 यूनिट बिजली का उत्पादन होगा। इससे प्रतिवर्ष लगभग 14.60 लाख रुपये की बचत होने का अनुमान है। सोलर प्लांट पूरी तरह चालू होने के बाद जेल के बिजली बिल में लगभग 50 प्रतिशत तक की कमी आने का अनुमान  है।

सुरक्षा, सुविधा और निर्बाध बिजली आपूर्ति

योगी सरकार की यह 'ग्रीन पहल' सुरक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बिजली कटौती के दौरान जेल की सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में सौर ऊर्जा से मिलने वाली निर्बाध बिजली आपूर्ति इस चुनौती को काफी हद तक कम करेगी। सोलर प्लांट के माध्यम से जेल की बैरकों, प्रशासनिक कार्यालयों तथा अन्य प्रमुख क्षेत्रों में निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जा सकेगी। इसके साथ ही यह परियोजना कार्बन उत्सर्जन कम करने तथा 'स्वच्छ ऊर्जा-स्वस्थ भारत' के संकल्प को साकार करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

जेल बनेगी अधिक आत्मनिर्भर

जेल अधीक्षक ने कहा कि यह परियोजना केवल आर्थिक दृष्टि से ही लाभकारी नहीं है, बल्कि जेल की आंतरिक व्यवस्थाओं को अधिक आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। सौर ऊर्जा संयंत्र शुरू होने के बाद कैदियों और जेल कर्मियों दोनों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।