1100 केसरिया ध्वजों के साथ निकली भव्य प्रभात फेरी, हनुमान जयंती पर संकटमोचन स्वरूप की झांकी सजी

हनुमान जयंती के पावन अवसर पर काशी में आस्था और भक्ति का अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जब श्री हनुमान ध्वजा प्रभात फेरी समिति के तत्वावधान में 15 दिवसीय आयोजन का समापन भव्य प्रभात फेरी के साथ हुआ। इस दौरान पूरा शहर “महावीर का ध्यान और किया गुणगान” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।
 

वाराणसी। हनुमान जयंती के पावन अवसर पर काशी में आस्था और भक्ति का अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जब श्री हनुमान ध्वजा प्रभात फेरी समिति के तत्वावधान में 15 दिवसीय आयोजन का समापन भव्य प्रभात फेरी के साथ हुआ। इस दौरान पूरा शहर “महावीर का ध्यान और किया गुणगान” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।

प्रभात फेरी की शुरुआत विधिवत पूजन-अर्चन के साथ हुई। केदार खंड के महंत टी. श्री घुल्ला पालन नारायण शास्त्री, योगाचार्य विजय प्रकाश मिश्रा, चिंतामणि गणेश मंदिर के महंत चल्ला सुब्बाराव शास्त्री, श्रंगेरी मठ के प्रबंधक चल्ला प्रसाद, संस्था अध्यक्ष कौशल शर्मा और संयोजक यतींद्र कथूरिया ने संकटमोचन प्रभु का पूजन कर श्रद्धालुओं को ध्वज प्रदान किए। इसके बाद हजारों श्रद्धालुओं का जनसैलाब यात्रा में उमड़ पड़ा।

यात्रा का मुख्य आकर्षण संकटमोचन स्वरूप में सजे भव्य रथ की झांकी रही। इसके साथ ही पालकी में भगवान गणेश, हनुमान जी और भगवान शंकर की आकर्षक झांकियां निकाली गईं, जिन्हें श्रद्धालु कंधों पर उठाकर चल रहे थे। सौरभ अग्रवाल हनुमान ज्योति लेकर आगे-आगे चल रहे थे, जिससे यात्रा का आध्यात्मिक स्वरूप और भी निखर उठा।

प्रभात फेरी में 1100 केसरिया ध्वज लहराते हुए श्रद्धालु शामिल हुए। मारवाड़ी समाज, अग्रवाल समाज और ब्राह्मण मंडल सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों की भागीदारी ने आयोजन को और भव्य बना दिया। 21 डमरू वादकों की गूंज, बैंड-बाजों पर बजती रामधुन और “लहर-लहर लहराए रे हनुमान ध्वजा” जैसे भजनों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

यात्रा के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं। 11 युवक-युवतियों के समूह ने डांडिया नृत्य प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। वहीं महिलाएं सजे हुए थालों के साथ आरती करती हुई चल रही थीं। रास्ते भर श्रद्धालुओं पर गुलाब जल की वर्षा की गई और जगह-जगह जलपान व शरबत की व्यवस्था की गई।

प्रभात फेरी धर्म संघ से निकलकर रविंद्रपुरी होते हुए दुर्गाकुंड स्थित त्रिदेव मंदिर पहुंची, जहां भव्य महाआरती का आयोजन हुआ। इसके बाद यात्रा संकटमोचन मंदिर पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने प्रभु के चरणों में ध्वजा अर्पित की। मंदिर परिसर में सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ और राम दरबार की बैठकी आयोजित की गई। महंत विशंभर नाथ मिश्रा ने विधिवत आरती उतारी। इस अवसर पर 21 कुंतल प्रसाद अर्पित किया गया, जिसे बाद में श्रद्धालुओं में वितरित किया गया।

कार्यक्रम के समापन पर रजत ध्वजा संस्था की ओर से महंत को विशेष ध्वजा भेंट की गई, जिसे मंदिर के शिखर पर स्थापित किया जाएगा। इस आयोजन में शहर के कई प्रमुख सामाजिक और धार्मिक कार्यकर्ताओं सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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