संस्कृत, ज्योतिष और योग सीखने का सुनहरा अवसर, ऑनलाइन पाठ्यक्रमों में प्रवेश 10 जून से

भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृत भाषा और संस्कृति के अध्ययन में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर उपलब्ध होने जा रहा है। सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित ऑनलाइन संस्कृत प्रशिक्षण केन्द्र में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए विभिन्न रोजगारपरक डिप्लोमा एवं प्रमाणपत्र पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया 10 जून से शुरू होगी। इच्छुक अभ्यर्थी 5 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
 

वाराणसी। भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृत भाषा और संस्कृति के अध्ययन में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर उपलब्ध होने जा रहा है। सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित ऑनलाइन संस्कृत प्रशिक्षण केन्द्र में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए विभिन्न रोजगारपरक डिप्लोमा एवं प्रमाणपत्र पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया 10 जून से शुरू होगी। इच्छुक अभ्यर्थी 5 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार प्रशिक्षण केन्द्र की सभी शैक्षणिक गतिविधियां पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से संचालित की जाएंगी। नामांकन, कक्षाएं, अध्ययन सामग्री, परीक्षा तथा प्रमाणपत्र वितरण तक की संपूर्ण प्रक्रिया डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी, जिससे देश-विदेश के विद्यार्थी घर बैठे अध्ययन कर सकेंगे।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने बताया कि उत्तर प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग के वित्तीय सहयोग से संचालित यह केन्द्र भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुख शिक्षा प्रदान करने का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह पहल विशेष रूप से महिलाओं, नौकरीपेशा लोगों, ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों, प्रवासी भारतीयों तथा भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं में रुचि रखने वाले लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है।

ऑनलाइन संस्कृत प्रशिक्षण केन्द्र के निदेशक प्रो. रमेश प्रसाद ने बताया कि षाणमासिक प्रमाणपत्र पाठ्यक्रमों में कर्मकाण्ड, ज्योतिष एवं कुण्डली विज्ञान, वास्तु विज्ञान, संस्कृत सम्भाषण, योग तथा पालि विषयों का अध्ययन कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त वार्षिक डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में कर्मकाण्ड तथा ज्योतिष एवं कुण्डली विज्ञान में प्रवेश दिया जाएगा। प्रमाणपत्र पाठ्यक्रमों की शुल्क राशि 1500 रुपये तथा वार्षिक डिप्लोमा पाठ्यक्रमों की फीस 2000 रुपये निर्धारित की गई है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में स्थापना के बाद से यह केन्द्र देश और विदेश के पांच हजार से अधिक विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान परंपरा आधारित प्रशिक्षण प्रदान कर चुका है। इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को पारंपरिक ज्ञान, सांस्कृतिक मूल्यों और व्यावहारिक कौशल का समन्वित प्रशिक्षण मिलता है, जिससे स्वरोजगार और व्यावसायिक अवसरों के नए मार्ग भी खुलते हैं।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी प्रवेश प्रक्रिया, पाठ्यक्रमों की विस्तृत जानकारी तथा आवेदन संबंधी दिशा-निर्देश ऑनलाइन संस्कृत प्रशिक्षण केन्द्र की आधिकारिक वेबसाइट SSVV Online Sanskrit Training Centre पर प्राप्त कर सकते हैं। प्रवेश से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए अभ्यर्थी हेल्पलाइन नंबर 7991833155 पर संपर्क कर सकते हैं। विश्वविद्यालय को उम्मीद है कि इस वर्ष भी बड़ी संख्या में देश-विदेश के विद्यार्थी इन पाठ्यक्रमों से जुड़कर भारतीय ज्ञान परंपरा का लाभ उठाएंगे।