BHU में जन्माष्टमी पर साकार हुआ गोकुल धाम, मंच पर जीवंत कीं श्रीकृष्ण की लीलाएं, गोपियों के स्वरूप में नजर आईं छात्राएं

काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर शुक्रवार को भक्तिमय और सांस्कृतिक वातावरण देखने को मिला। विश्वविद्यालय के महिला महाविद्यालय में आयोजित जन्माष्टमी समारोह का शुभारंभ कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने किया। समारोह के दौरान छात्राओं की प्रस्तुतियों से परिसर में मानो गोकुल धाम साकार हो उठा। श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों और उनकी लीलाओं का प्रभावी मंचन कर छात्राओं ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
 

महिला महाविद्यालय में भक्ति और संस्कृति का संगम, कृष्ण-अर्जुन संवाद से गीता के कर्मयोग का दिया संदेश

वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर शुक्रवार को भक्तिमय और सांस्कृतिक वातावरण देखने को मिला। विश्वविद्यालय के महिला महाविद्यालय में आयोजित जन्माष्टमी समारोह का शुभारंभ कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने किया। समारोह के दौरान छात्राओं की प्रस्तुतियों से परिसर में मानो गोकुल धाम साकार हो उठा। श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों और उनकी लीलाओं का प्रभावी मंचन कर छात्राओं ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

समारोह में कहीं भगवान श्रीकृष्ण का बाल स्वरूप नजर आया तो कहीं कुरुक्षेत्र का दृश्य मंच पर जीवंत हो उठा। छात्राओं ने श्रीकृष्ण और अर्जुन के संवाद पर आधारित प्रस्तुति के माध्यम से भगवद्गीता के संदेश और कर्मयोग की अवधारणा को प्रस्तुत किया। संवाद और अभिनय के जरिए जीवन में कर्तव्य के महत्व तथा धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश दिया गया।

कारागार का दृश्य बना आकर्षण
जन्माष्टमी समारोह में भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली कारागार का दृश्य भी मंच पर प्रस्तुत किया गया। इसमें कंस द्वारा देवकी और वासुदेव को बंदी बनाए जाने तथा कारागार में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से जुड़े प्रसंग को भावपूर्ण ढंग से दिखाया गया। मंचन के दौरान छात्राओं के अभिनय ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।

इसके अलावा छात्राओं ने श्रीकृष्ण की विभिन्न बाल लीलाओं और उनसे जुड़े प्रसंगों पर आधारित नृत्य एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। कंस के अत्याचार और भगवान श्रीकृष्ण द्वारा असुरों के संहार से जुड़े प्रसंगों का भी मंचन हुआ। छात्राओं ने बकासुर जैसे पात्रों का रूप धारण कर श्रीकृष्ण की लीलाओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

पूरे आयोजन में श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप, उनकी लीलाओं, गीता के उपदेश और धर्म की स्थापना के संदेश को सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से सामने रखा गया। छात्राओं की प्रस्तुतियों में भक्ति के साथ अभिनय, नृत्य और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं की झलक दिखाई दी। 

BHU में आयोजित जन्माष्टमी समारोह धार्मिक आस्था तक सीमित न रहकर भारतीय संस्कृति और परंपराओं से विद्यार्थियों को जोड़ने का माध्यम भी बना। भगवान श्रीकृष्ण के जीवन के विभिन्न पक्षों को मंच पर जीवंत होते देख परिसर में उत्सव और भक्ति का माहौल बना रहा।