दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती देख मंत्रमुग्ध हुए गोवा के राज्यपाल, सपरिवार किया पूजन-अर्चन
दशाश्वमेध घाट पर करीब 45 मिनट तक रहे पुसापति अशोक गजपति राजू, वैदिक मंत्रोच्चार और शंखनाद के बीच आरती के किए दर्शन
गंगा सेवा निधि की ओर से अंगवस्त्र और प्रसाद भेंटकर राज्यपाल एवं उनके परिजनों का किया गया स्वागत-अभिनंदन
वाराणसी। धर्म और आध्यात्म की नगरी काशी में मां गंगा की विश्वप्रसिद्ध आरती का आकर्षण देश-दुनिया के लोगों को अपनी ओर खींच रहा है। इसी क्रम में गोवा के राज्यपाल पुसापति अशोक गजपति राजू बुधवार को सपरिवार दशाश्वमेध घाट पहुंचे। यहां गंगा सेवा निधि की ओर से आयोजित मां गंगा की भव्य आरती में शामिल होकर आध्यात्मिक वातावरण से अभिभूत नजर आए।
राज्यपाल अपनी धर्मपत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ घाट पहुंचे। इस दौरान उन्होंने विधि-विधान के साथ मां गंगा का पूजन-अर्चन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद दीपों की अलौकिक रोशनी, वैदिक मंत्रोच्चार और शंखनाद के बीच मां गंगा की भव्य आरती के दर्शन किए। घाट पर एक साथ प्रज्ज्वलित दीपों और आरती के दौरान गूंजते मंत्रों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इस आध्यात्मिक दृश्य को देखकर राज्यपाल और उनके परिजन मंत्रमुग्ध नजर आए।
दशाश्वमेध घाट पर राज्यपाल करीब 45 मिनट तक मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को करीब से देखा और मां गंगा की आरती में सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा और सचिव सुरजीत सिंह ने राज्यपाल पुसापति अशोक गजपति राजू एवं उनके परिवार का स्वागत-अभिनंदन किया। उन्हें अंगवस्त्र और प्रसाद भेंटकर काशी की पावन धरती पर आगमन के लिए आभार जताया।