गौ सम्मान आह्वान : वाराणसी समेत देश भर से 15 करोड़ से अधिक हस्ताक्षरों वाला ज्ञापन सरकार को सौंपा, गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग
वाराणसी। गोमाता की सेवा, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने की मांग को लेकर संचालित गो सम्मान आह्वान अभियान के द्वितीय चरण के अंतर्गत सोमवार को वाराणसी सहित देशभर के सभी जिलों में व्यापक स्तर पर ज्ञापन और हस्ताक्षरयुक्त प्रार्थना-पत्र संबंधित जिलाधिकारियों के माध्यम से भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, संबंधित राज्यों के राज्यपाल एवं मुख्यमंत्रियों को भेजे गए। अभियान से जुड़े प्रतिनिधियों का दावा है कि इस चरण में देशभर से 15 करोड़ से अधिक नागरिकों के हस्ताक्षर सरकार तक पहुंचाए गए हैं।
अभियान के आयोजकों के अनुसार पिछले लगभग छह महीनों से संत-महात्माओं, गौसेवकों और विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के सहयोग से देशव्यापी जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है। इसके माध्यम से गोहत्या पर प्रभावी केंद्रीय कानून बनाने, गोमाता को राष्ट्रमाता का सम्मान देने, केंद्रीय गो मंत्रालय की स्थापना, गोचर भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने, केंद्रीय गो-चारा नीति लागू करने तथा कृषि, पर्यावरण, चिकित्सा, शिक्षा और मानव जीवन से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में गो-केंद्रित राष्ट्रीय नीति तैयार करने सहित 30 से अधिक प्रमुख मांगें सरकार के समक्ष रखी गई हैं।
आयोजकों ने बताया कि अभियान के प्रथम चरण में 27 अप्रैल 2026 को देश की लगभग 5,000 तहसीलों के माध्यम से पांच करोड़ से अधिक नागरिकों के हस्ताक्षरों सहित प्रार्थना-पत्र राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपालों और मुख्यमंत्रियों को भेजे गए थे। उनका कहना है कि उन मांगों पर अपेक्षित निर्णय नहीं होने के कारण दूसरे चरण में पुनः अनुस्मारक स्वरूप 15 करोड़ से अधिक हस्ताक्षरों के साथ ज्ञापन प्रेषित किया गया है।
वाराणसी जनपद की ओर से भी लगभग 5.5 लाख नागरिकों के हस्ताक्षरों वाला प्रार्थना-पत्र जिलाधिकारी के माध्यम से केंद्र सरकार को भेजा गया। कार्यक्रम का शुभारंभ गोमाता के पूजन, शंखनाद तथा सामूहिक रूप से "श्री राम जय राम जय जय राम" विजय मंत्र के जप के साथ हुआ। इसके बाद गोभक्तों ने हाथों में बैनर, झंडे और अभियान से जुड़े संदेशों वाले प्लेकार्ड लेकर भजन-कीर्तन के साथ शांतिपूर्ण प्रार्थना-यात्रा निकाली, जो जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुंची।
प्रार्थना-यात्रा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण-बलराम की झांकी, गोमाता की आकर्षक झांकी तथा अभियान के अंतर्गत एकत्र किए गए हस्ताक्षरों का प्रतीकात्मक प्रदर्शन भी किया गया। इसके पश्चात संत-महात्माओं, जिला कार्यकारिणी के पदाधिकारियों, विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा गणमान्य नागरिकों के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन और हस्ताक्षरयुक्त प्रार्थना-पत्र सौंपा।
इस अवसर पर अभियान के प्रतिनिधियों ने कहा कि गोमाता केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण और जनकल्याण का भी महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने सरकार से अभियान की सभी मांगों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक निर्णय लेने का आग्रह किया। साथ ही यह भी कहा कि यह अभियान पूरी तरह शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में संचालित किया जा रहा है तथा जनसमर्थन के साथ इसे चरणबद्ध तरीके से आगे भी जारी रखा जाएगा। कार्यक्रम में जिले के संत-महात्मा, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि, गौसेवक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।