बनारसी ठाठ में सजे गणपति, धोती-कुर्ता और पगड़ी में भक्तों को दिए दर्शन, आकर्षक स्वरूप ने मोहा मन
खोजवा में गणपति स्पोर्टिंग क्लब ने स्थापित की भव्य प्रतिमा, रिद्धि-सिद्धि के साथ आशीर्वाद देते नजर आए भोलेनाथ
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच खुले पट, गूंजे गणपति महाराज के जयकारे; 13 दिनों तक चलेगा पूजन-अर्चन, इसके बाद होगा प्रतिमा विसर्जन
खोजवा पुस्तकालय के सामने गली में सजाया गया भव्य पूजा पंडाल, बनारसी वेशभूषा में विराजमान हैं भगवान गणेश
धोती-कुर्ता, गमछा और आकर्षक पगड़ी से दिया गया काशी का रंग, गणपति महाराज के साथ रिद्धि-सिद्धि और आशीर्वाद देते भोलेनाथ
वैदिक मंगलाचरण के बीच हुआ पट उद्घाटन, श्रद्धालुओं ने की पूजा-अर्चना, 13 दिनों तक विधि-विधान से पूजा के बाद किया जाएगा विसर्जन
वाराणसी। बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में प्रथम पूज्य भगवान गणेश के जन्मोत्सव की धूम है। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सजे पूजा पंडालों में गणपति महाराज की प्रतिमाएं श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हैं। खोजवा क्षेत्र में गणपति स्पोर्टिंग क्लब की ओर से भी भगवान गणेश की भव्य प्रतिमा स्थापित की गई है। खोजवा पुस्तकालय के सामने गली में बने पूजा पंडाल में विराजमान गणपति महाराज को खास बनारसी अंदाज में सजाया गया है।
भगवान गणेश को धोती-कुर्ता, गले में गमछा और सिर पर आकर्षक पगड़ी पहनाई गई है। उनके साथ रिद्धि-सिद्धि विराजमान हैं, जबकि भगवान भोलेनाथ पुत्र गणेश को आशीर्वाद देते नजर आ रहे हैं। प्रतिमा का यह स्वरूप धार्मिक आस्था के साथ काशी की पारंपरिक संस्कृति की झलक भी प्रस्तुत कर रहा है।
मंत्रोच्चार के बीच खुले पट
पंडाल में वैदिक ब्राह्मणों के मंत्रोच्चार और मंगलाचरण के बीच गणपति महाराज के पट खोले गए। पट खुलते ही श्रद्धालुओं ने गणपति महाराज के जयकारे लगाए। पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। भक्तों ने दर्शन-पूजन कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद गणपति स्पोर्टिंग क्लब से जुड़े नीरज कुमार गुप्ता और उनकी पत्नी रिंकी गुप्ता ने भगवान गणेश की भव्य आरती उतारी।
श्रद्धालुओं ने गणपति महाराज को फल-फूल अर्पित कर मोदक का भोग लगाया। आरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया। शाम के समय पंडाल में दर्शन के लिए आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।
13 दिन बाद होगा विसर्जन
गणपति स्पोर्टिंग क्लब से जुड़े नीरज कुमार गुप्ता ने बताया कि भगवान गणेश की प्रतिमा की 13 दिनों तक विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाएगी। इस दौरान प्रतिदिन आरती और पूजन होगा। 13 दिन बाद श्रद्धा और भक्ति के साथ प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा।
गणेश उत्सव को लेकर क्षेत्र में खासा उत्साह है। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी पंडाल में पहुंचकर गणपति महाराज के दर्शन कर रहे हैं। बनारसी वेशभूषा में सजे गणपति काशी की आस्था और परंपरा के अनूठे संगम का आकर्षण बने हुए हैं।