गणपति दरबार से पर्यावरण संरक्षण की अलख, श्रद्धालुओं को बांटे पौधे और कपड़े के झोले
वाराणसी। गणेशोत्सव के उल्लास के बीच बुधवार को ठठेरी बाजार स्थित शेर वाली कोठी में सजे काशी के प्रसिद्ध लालबाग के राजा के दरबार से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। गणपति बप्पा के दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं को नमामि गंगे की ओर से पौधे और कपड़े के झोले वितरित किए गए। इस दौरान लोगों से सिंगल यूज पॉलीथिन से दूरी बनाने, पौधरोपण करने और जल संरक्षण को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की गई।
नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक एवं नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला के संयोजन में श्री काशी मराठा गणेश उत्सव समिति के सहयोग से जागरूकता अभियान चलाया गया। श्रद्धालुओं को पौधे और कपड़े के झोले देते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संकल्प दिलाया गया।
आस्था के साथ प्रकृति संरक्षण का संदेश
राजेश शुक्ला ने कहा कि गणेशोत्सव केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देने का अवसर भी है। भगवान गणेश को ज्ञान, बुद्धि और कल्याण का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में उनके उत्सव को पर्यावरण संरक्षण से जोड़कर मनाने से समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचता है।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण प्रदूषण लगातार चुनौती बना हुआ है। इसे कम करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्तर पर प्रयास करना होगा। घर से बाजार तक कपड़े के झोले का इस्तेमाल कर सिंगल यूज पॉलीथिन के प्रयोग को कम किया जा सकता है। इसी तरह पौधे लगाने के साथ उनकी नियमित देखभाल करना भी जरूरी है।
पौधों के साथ संरक्षण का संकल्प
अभियान के दौरान श्रद्धालुओं को बताया गया कि पौधरोपण तभी सार्थक होगा, जब लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल की जाए। लोगों से पानी की बर्बादी रोकने और गंगा समेत अन्य जलस्रोतों को स्वच्छ रखने की भी अपील की गई। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने अभियान में भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
श्री काशी मराठा गणेश उत्सव समिति के संयोजक चक्रवर्ती विजय नावड़, अध्यक्ष आनंदराव सूर्यवंशी, महामंत्री अन्ना मोरे, वरिष्ठ संरक्षक संतोष पाटिल, अशोक शिंदे और कोषाध्यक्ष हनुमान शिंदे समेत अन्य पदाधिकारी व सदस्य मौजूद रहे। गणपति के जयकारों के बीच चले अभियान ने धार्मिक आयोजन में हरियाली, स्वच्छता, जल संरक्षण और प्रकृति प्रेम का संदेश दिया।