गंगा के जलस्तर में तेजी से वृद्धि, 3 सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हो रही बढ़ोत्तरी, चेतावनी बिंदु से 2.10 मीटर नीचे जलस्तर  

गंगा के जलस्तर में एक बार फिर तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) की ओर से शनिवार की दोपहर 12 बजे जारी रीडिंग के अनुसार वाराणसी के राजघाट गेज साइट पर गंगा का जलस्तर 68.16 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर फिलहाल तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है, जिससे नदी किनारे रहने वाले लोगों और प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।
 

वाराणसी। गंगा के जलस्तर में एक बार फिर तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) की ओर से शनिवार की दोपहर 12 बजे जारी रीडिंग के अनुसार वाराणसी के राजघाट गेज साइट पर गंगा का जलस्तर 68.16 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर फिलहाल तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है, जिससे नदी किनारे रहने वाले लोगों और प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।

सीडब्ल्यूसी के आंकड़ों के मुताबिक राजघाट पर गंगा का चेतावनी स्तर 70.262 मीटर निर्धारित है, जबकि खतरे का निशान 71.262 मीटर है। शनिवार दोपहर दर्ज जलस्तर खतरे के निशान से करीब 3.10 मीटर नीचे है। वहीं चेतावनी बिंदु से यह करीब 2.10 मीटर नीचे है। हालांकि जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। 

वर्तमान बढ़ोतरी की रफ्तार तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे बनी रहती है तो आने वाले समय में जलस्तर में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। ऐसे में घाटों, निचले इलाकों और नदी के आसपास के क्षेत्रों में प्रशासन तथा संबंधित विभागों की निगरानी महत्वपूर्ण हो गई है। गंगा के जलस्तर में बढ़ाव का असर वाराणसी के विभिन्न घाटों और तटीय इलाकों में भी दिखाई दे सकता है। जलस्तर बढ़ने के साथ घाटों की सीढ़ियों पर पानी ऊपर की ओर पहुंचने तथा निचले हिस्सों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका रहती है। स्थानीय लोगों और नाविकों को भी नदी की स्थिति पर नजर रखने की जरूरत है।

सीडब्ल्यूसी के अनुसार राजघाट पर गंगा का उच्चतम बाढ़ स्तर (एचएफएल) 73.901 मीटर है। वर्तमान जलस्तर इस स्तर से करीब 5.74 मीटर नीचे है। फिलहाल गंगा चेतावनी और खतरे के निशान से नीचे बह रही है, लेकिन तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे की बढ़ती रफ्तार को देखते हुए जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है।