वाराणसी में गंगा के जलस्तर में वृद्धि, 64.70 मीटर पर जलस्तर, तेज लहरों के चलते नौका संचालन पर रोक, घाटों पर बढ़ी निगरानी
वाराणसी। गंगा के बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव को देखते हुए वाराणसी में नौका संचालन पर अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी गई है। रविवार को गंगा का जलस्तर 64.70 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर करीब छह सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। यात्रियों और नाविकों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से नाव, बजड़े और अन्य जलयानों के संचालन पर रोक लगाने का निर्णय लिया है।
जलस्तर में लगातार वृद्धि के बाद घाटों पर प्रशासन और जल पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है। पुलिसकर्मियों को नाविकों और नाव संचालकों को नौका संचालन नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों की ओर से घाटों पर पहुंचने वाले लोगों को भी गंगा के तेज बहाव और बढ़ते जलस्तर को लेकर सतर्क किया जा रहा है।
घाटों पर लगातार निगरानी
नौका संचालन बंद होने के बाद 80 घाटी चौकी प्रभारी नवीन कुमार चतुर्वेदी भी लगातार गंगा के विभिन्न घाटों का निरीक्षण कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान वह घाटों पर मौजूद नाविकों और नाव संचालकों से बातचीत कर उन्हें प्रशासन के आदेश की जानकारी दे रहे हैं। उन्होंने नाविकों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि जब तक प्रशासन की ओर से नौका संचालन बहाल करने का आदेश जारी नहीं होता, तब तक गंगा में किसी भी नाव, बजड़े या अन्य जलयान का संचालन न किया जाए। पुलिस की ओर से सुरक्षा संबंधी निर्देशों का कड़ाई से पालन करने की हिदायत दी जा रही है।
छह सेंटीमीटर प्रति घंटे बढ़ रहा जलस्तर
प्रशासन के अनुसार गंगा का जलस्तर फिलहाल 64.70 मीटर है और करीब छह सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर से बढ़ रहा है। नदी में तेज बहाव के बीच लगातार बढ़ता जलस्तर नाव संचालन के लिए जोखिम पैदा कर रहा है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेने का फैसला किया है। जल पुलिस और संबंधित विभाग गंगा के जलस्तर और नदी के बहाव की लगातार निगरानी कर रहे हैं। घाटों पर तैनात पुलिसकर्मियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों से भी नदी के किनारे सावधानी बरतने और प्रतिबंधित स्थानों पर नहीं जाने की अपील की जा रही है।
नाविकों के कारोबार पर असर
नौका संचालन बंद होने से गंगा में नाव चलाकर परिवार का भरण-पोषण करने वाले नाविकों के रोजगार पर असर पड़ेगा। हालांकि प्रशासन का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में यात्रियों और नाविकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। तेज बहाव के बीच नाव संचालन से दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। प्रशासन ने नाविकों और आम लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और गंगा से जुड़ी गतिविधियों में जल पुलिस एवं प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। जलस्तर और नदी की परिस्थितियों में सुधार होने के बाद नौका संचालन शुरू करने के संबंध में अलग से आदेश जारी किया जाएगा।