वाराणसी में घट रहा गंगा का जलस्तर, दो सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से गिरावट, तटवर्ती इलाकों में निगरानी 

गंगा के जलस्तर में लगातार गिरावट शुरू होने से तटवर्ती इलाकों के लोगों ने राहत की सांस ली है। सोमवार सुबह गंगा का जलस्तर 68.67 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर करीब दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से घट रहा है। बीते दिनों जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण चेतावनी बिंदु के करीब पहुंच गया था, जिससे बाढ़ की आशंका बढ़ गई थी।
 

 

वाराणसी। गंगा के जलस्तर में लगातार गिरावट शुरू होने से तटवर्ती इलाकों के लोगों ने राहत की सांस ली है। सोमवार सुबह गंगा का जलस्तर 68.67 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर करीब दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से घट रहा है। बीते दिनों जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण चेतावनी बिंदु के करीब पहुंच गया था, जिससे बाढ़ की आशंका बढ़ गई थी।

जलस्तर बढ़ने से गंगा के अधिकांश घाट जलमग्न हो गए थे। घाटों की सीढ़ियां डूबने के कारण श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सुरक्षा के मद्देनजर गंगा में नौका संचालन भी बंद कर दिया गया है। कई स्थानों पर नियमित धार्मिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। गंगा किनारे होने वाली आरती अब छतों पर की जा रही है।

 

जलस्तर बढ़ने का असर शवदाह स्थलों पर भी पड़ा है। घाटों के डूबने के कारण कई स्थानों पर छतों और आसपास की गलियों में शवदाह की स्थिति बनी हुई है। इससे स्थानीय लोगों और अंतिम संस्कार के लिए पहुंचने वाले परिजनों को परेशानी हो रही है।

 

हालांकि अब जलस्तर में गिरावट आने से तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को कुछ राहत मिली है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। संभावित बाढ़ से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने राहत और बचाव से संबंधित तैयारियां पहले ही पूरी कर ली हैं। संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने के साथ आवश्यक संसाधनों और राहत व्यवस्था को तैयार रखा गया है।

 

प्रशासन का कहना है कि जलस्तर में होने वाले उतार-चढ़ाव पर लगातार नजर रखी जा रही है। तटवर्ती क्षेत्रों के लोगों से भी सतर्क रहने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।