वाराणसी में चेतावनी बिंदु से नीचे आया गंगा का जलस्तर, बाढ़ प्रभावित इलाकों में दुश्वारी
- दो सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से घट रहा गंगा का जलस्तर
- केंद्रीय जल आयोग, एनडीआरएफ व जल पुलिस की टीम कर रही निगरानी
- वाराणसी में अभी भी बाढ़ राहत शिविरों में शरण लिए हैं तीन हजार लोग
- पानी उतरने के बाद बाढ़ प्रभावित इलाकों में साफ-सफाई बड़ी चुनौती
वाराणसी। गंगा उफान के बाद अब घटाव पर हैं। जलस्तर दो सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से कम हो रहा है। शुक्रवार को जलस्तर चेतावनी बिंदु से नीचे 70.0 मीटर पर आ गया। हालांकि, आसपास के इलाके अभी भी जलमग्न हैं। ऐसे में बाढ़ की दुश्वारियां बरकरार हैं। अभी भी लगभग तीन हजार लोग बाढ़ राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं। केंद्रीय जल आयोग, एनडीआरएफ के साथ ही जिला प्रशासन भी निगरानी कर रहा है। पानी उतरने के बाद बाढ़ प्रभावित इलाकों में साफ-सफाई बड़ी चुनौती है। वरना संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ जाएगा।
पिछले दिनों गंगा के जलस्तर में तेजी से इजाफा हो रहा था। गंगा चेतावनी बिंदु को पार कर गईं। इससे तटवर्ती इलाके के मोहल्लों में हड़कंप मच गया। गंगा का पानी कालोनियों में घुस गया। दुकानें और मकानों के ग्राउंड फ्लोर जलमग्न हो गए। ऐसे में लोगों को पलायन को मजबूर होना पड़ा। जिला प्रशासन की ओर से जिले में बाढ़ राहत शिविरों की स्थापना की गई है। जिले में 17 सक्रिय बाढ़ राहत शिविरों में तीन हजार से अधिक लोगों को शरण दी गई है।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शुक्रवार की सुबह गंगा के जलस्तर में दो सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से गिरावट आ रही है। वाराणसी में गंगा का चेतावनी बिंदु 70.26 मीटर और खतरे का बिंदु 71.26 मीटर है। जलस्तर चेतावनी बिंदु को पार कर गया था। दो दिन की गिरावट के बाद जलस्तर अब चेतावनी बिंदु के नीचे आ गया है। इससे लोगों ने राहत की सांस ली।