20 दिन में काशी से कोलकाता पहुंचेगा गंगा विलास, 16 पर्यटकों को कराएगा गंगा की सैर
रामनगर बंदरगाह से होगी रवानगी, बिहार के कई शहरों से गुजरते हुए 18 नवंबर को पहुंचेगा कोलकाता
फरक्का लॉक गेट पार कर हुगली नदी के रास्ते बंगाल में करेगा प्रवेश, मुर्शिदाबाद के हजारद्वारी पैलेस से लेकर कालना के 108 शिव मंदिरों तक देखेंगे ऐतिहासिक विरासत
वाराणसी। काशी की गंगा में विदेशी पर्यटकों को सैर कराने के बाद लग्जरी रिवर क्रूज गंगा विलास शनिवार को कोलकाता के लिए रवाना होगा। क्रूज संचालक अंतरा की ओर से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, वाराणसी से कोलकाता तक की यह यात्रा 19 रात और 20 दिनों की होगी। क्रूज 18 नवंबर को कोलकाता पहुंचेगा। इस दौरान पर्यटक गंगा किनारे बसे ऐतिहासिक शहरों, धार्मिक स्थलों और सांस्कृतिक विरासत को करीब से देखने का अनुभव प्राप्त करेंगे।
क्रूज संचालक राज सिंह ने बताया कि गंगा विलास 27 अक्तूबर को विदेशी पर्यटकों को लेकर रामनगर स्थित मल्टीमॉडल टर्मिनल पहुंचा था। काशी प्रवास के दौरान पर्यटकों को मां गंगा की विश्वप्रसिद्ध आरती के दर्शन कराने के साथ प्रमुख धार्मिक स्थलों और ऐतिहासिक धरोहरों का भ्रमण कराया गया। अब शनिवार शाम करीब चार बजे रामनगर बंदरगाह से क्रूज कोलकाता के लिए रवाना होगा। इस यात्रा में छह भारतीय और स्विट्जरलैंड के 10 पर्यटक शामिल होंगे।
काशी से रवाना होने के बाद क्रूज गाजीपुर, बक्सर और पटना समेत बिहार के विभिन्न पड़ावों से होकर पश्चिम बंगाल की ओर बढ़ेगा। इस दौरान पर्यटकों को गंगा के तटवर्ती शहरों की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से परिचित कराया जाएगा।
फरक्का लॉक गेट पार कर हुगली नदी में करेगा प्रवेश
बिहार के विभिन्न पड़ावों से गुजरने के बाद गंगा विलास फरक्का लॉक गेट पार कर हुगली नदी के जलमार्ग से पश्चिम बंगाल में प्रवेश करेगा। यहां जंगीपुर, मुर्शिदाबाद, मटियारी और कालना में पर्यटकों के भ्रमण का कार्यक्रम निर्धारित है।
मुर्शिदाबाद में पर्यटक ऐतिहासिक हजारद्वारी पैलेस और कटर मस्जिद देखेंगे। वहीं कालना में 108 शिव मंदिरों वाले राजबाड़ी मंदिर परिसर का भ्रमण करेंगे। मटियारी में पारंपरिक धातु शिल्प से जुड़े कारीगरों की कला और उनकी हस्तशिल्प परंपरा से रूबरू होने का अवसर मिलेगा।
कोलकाता में देखेंगे फूल बाजार और कुम्हारटोली
यात्रा के अंतिम पड़ाव में गंगा विलास कोलकाता पहुंचेगा। यहां पर्यटकों के लिए प्रसिद्ध फूल बाजार, कुम्हारटोली और मदर टेरेसा के स्मारक स्थल के भ्रमण की योजना बनाई गई है। इस तरह 20 दिनों की जलयात्रा में पर्यटक उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत का अनुभव करते हुए काशी से कोलकाता तक का सफर पूरा करेंगे।