वाराणसी में फिर बढने लगीं गंगा, दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हो रही वृद्धि, 63.72 मीटर पर पहुंचा जलस्तर 

दो दिन स्थिर रहने के बाद गंगा का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है। शनिवार की सुबह जलस्तर में दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से वृद्धि हो रही थी। जलस्तर 63.72 मीटर रिकॉर्ड किया गया। गंगा के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए प्रशासन अलर्ट है। घाटों और तटवर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है। एनडीआरएफ और जल पुलिस की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। नाविकों और सैलानियों से सुरक्षा मानकों के पालन की अपील की गई है। 
 

वाराणसी। दो दिन स्थिर रहने के बाद गंगा का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है। शनिवार की सुबह जलस्तर में दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से वृद्धि हो रही थी। जलस्तर 63.72 मीटर रिकॉर्ड किया गया। गंगा के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए प्रशासन अलर्ट है। घाटों और तटवर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है। एनडीआरएफ और जल पुलिस की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। नाविकों और सैलानियों से सुरक्षा मानकों के पालन की अपील की गई है। 

दो दिन पहले गंगा के जलस्तर में मामूली गिरावट हो रही थी। उसके बाद जलस्तर स्थिर हो गया था। हालांकि शनिवार से जलस्तर में दोबारा वृद्धि शुरू हो गई। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार सुबह 8 बजे जलस्तर में दो सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से वृद्धि रिकॉर्ड की गई। जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी गई। 

गंगा के जलस्तर में वृद्धि से घाटों का आपसी संपर्क टूट गया है। वहीं गंगा किनारे के मंदिर जलमग्न हो गए हैं। घाटों की सीढियां डूबने की वजह से गंगा आरती का स्थल दो बार बदलना पड़ा। इस समय निर्धारित स्थान से लगभग 20 फीट पीछे आरती कराई जा रही है। वाराणसी में गंगा इस समय चेतावनी बिंदु से लगभग 7 मीटर नीचे हैं। वाराणसी के गंगा का चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर और खतरे का बिंदु 71.262 मीटर है। ऐसे में खतरे जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन सावधानी जरूरी है।