Ganga Dussehra 2026: सजाए जा रहे घाट, मां गंगा को चढ़ेगी आरपार की चुनरी, दुग्धाभिषेक के साथ लगेगा 56 भोग, होगी महाआरती 

धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी में 26 मई को गंगा दशहरा पर्व श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर गंगा के 84 घाटों पर विशेष पूजन-अर्चन, दुग्धाभिषेक, महाआरती और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। सुबह से देर रात तक गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। मां गंगा को आरपार की चुनरी अर्पित की जाएगी तथा विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं द्वारा भव्य आयोजन किए जाएंगे।
 

वाराणसी। धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी में 26 मई को गंगा दशहरा पर्व श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर गंगा के 84 घाटों पर विशेष पूजन-अर्चन, दुग्धाभिषेक, महाआरती और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। सुबह से देर रात तक गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। मां गंगा को आरपार की चुनरी अर्पित की जाएगी तथा विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं द्वारा भव्य आयोजन किए जाएंगे।

गंगा दशहरा के अवसर पर दशाश्वमेध घाट, अस्सी घाट, तुलसी घाट, पंचगंगा घाट, भैंसासुर घाट और ललिता घाट समेत प्रमुख घाटों को विशेष रूप से सजाया जा रहा है। घाटों पर फूलों और आकर्षक रोशनी से अलौकिक दृश्य देखने को मिलेगा। आयोजन समितियों के अनुसार इस बार गंगा दशहरा को “आस्था का महासंगम” स्वरूप देने की तैयारी की गई है।

दशाश्वमेध घाट पर विशेष आयोजन
विश्व प्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट पर गंगा सेवा निधि की ओर से विशेष पूजन और भव्य गंगा आरती का आयोजन होगा। गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्र ने बताया कि सुबह मां गंगा का विधिवत पूजन होगा, जबकि शाम को 51 लीटर दूध से दुग्धाभिषेक किया जाएगा। यहां 11 अर्चक वैदिक मंत्रोच्चार के साथ महाआरती करेंगे और 22 युवतियां रिद्धि-सिद्धि के स्वरूप में शामिल होंगी।

कार्यक्रम के दौरान बनारस घराने के प्रख्यात कथक कलाकार पं. माता प्रसाद मिश्र एवं उनके पुत्र रुद्रशंकर मिश्र मां गंगा के पृथ्वी पर अवतरण की कथा को कथक नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत करेंगे। प्रसिद्ध भजन गायक सुशील बावेजा के भजनों से घाट भक्तिमय वातावरण में डूब जाएगा।

गंगा आरती और पूजन कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के मंत्री, विधायक और प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल होंगे। राज्यमंत्री रवींद्र जायसवाल, दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, विधायक नीलकंठ तिवारी और ब्रिगेडियर जयदीप चंदा की उपस्थिति प्रस्तावित है, जबकि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक के भी शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।


शीतला घाट के पास 501 लीटर दूध से होगा अभिषेक
दशाश्वमेध घाट के समीप शीतला मंदिर के पास गंगोत्री सेवा समिति द्वारा भव्य आयोजन किया जाएगा। समिति के दिनेश शंकर दुबे ने बताया कि यहां शाम छह बजे से 501 लीटर दूध से मां गंगा का दुग्धाभिषेक होगा। 11 अर्चकों और 22 रिद्धि-सिद्धि स्वरूप युवतियों द्वारा विराट गंगा आरती की जाएगी।

अस्सी घाट पर 56 भोग और विशेष चुनरी
अस्सी घाट पर जय मां गंगा सेवा समिति एवं ब्रह्मराष्ट्र एकम् विश्व महासंघ न्यास की ओर से विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे। मां गंगा को 56 प्रकार के भोग अर्पित किए जाएंगे, जिसमें 56 परिवार सहभागिता करेंगे। श्रीकुल पीठ के पीठाधीश्वर डॉ. सचिन्द्रनाथ महाराज ने बताया कि देश के 12 राज्यों से आई 5100 साड़ियों से मां गंगा को विशेष चुनरी अर्पित की जाएगी।

यहां 501 लीटर दूध से दुग्धाभिषेक होगा तथा सुबह सात बजे से दोपहर 12 बजे तक पूजन-अर्चन चलेगा। शाम पांच बजे से महाआरती और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत होगी। 15 विद्यालयों के विद्यार्थी एवं कलाकार मां गंगा के अवतरण, भारतीय संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण विषयों पर प्रस्तुतियां देंगे। रंगोली और चित्रकला प्रतियोगिताएं भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी।

घाटों पर उमड़ेगी श्रद्धालुओं की भीड़
गंगा दशहरा के अवसर पर देशभर से श्रद्धालुओं और पर्यटकों के काशी पहुंचने की संभावना है। स्नान-दान और पूजन के लिए सुबह से ही घाटों पर भीड़ जुटनी शुरू हो जाएगी। प्रशासन की ओर से सुरक्षा, यातायात और घाटों की साफ-सफाई को लेकर विशेष व्यवस्था की जा रही है। धार्मिक संगठनों का कहना है कि गंगा दशहरा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और पर्यावरण चेतना का प्रतीक है। आयोजन समितियों ने बताया कि कार्यक्रमों से प्राप्त सहयोग राशि गंगा सेवा, धर्मार्थ कार्यों और सांस्कृतिक गतिविधियों में समर्पित की जाएगी।