वाराणसी में चेतावनी बिंदु के पार गंगा, उफान पर वरूणा, घरों में घुसा पानी, तटवर्ती इलाके के लोगों के लिए बढ़ी दुश्वारी
वाराणसी। गंगा का जलस्तर मंगलवार को चेतावनी बिंदु को पार कर गया। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार राजघाट गेज पर बुधवार की सुबह 10 बजे 70.32 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर में दो सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से वृद्धि रिकार्ड की गई। गंगा के जलस्तर में वृद्धि का असर वरूणा के जलस्तर पर भी पड़ रहा है। वरूणा इस समय उफान पर है। नदी का पानी घरों में घुसने लगा है। इससे लोग घर छोड़कर पलायन को मजबूर हो गए हैं और राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं। जिला प्रशासन की ओर से जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है।
घाट जलमग्न, तटवर्ती इलाकों में बढ़ी दुश्वारी
गंगा इस समय उफान पर हैं। गंगा का पानी घाटों को डुबा चुका है और गलियों की ओर से फैलने लगा है। इससे घाट किनारे रहने वाले बाशिंदों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। वहीं श्मशान घाट डूबने से शवदाह में समय लग रहा है। इस समय मणिकर्णिका घाट पर 150 की जगह 50 शवों का ही शवदाह हो पा रहा है। लड़कियां भींग जा रही हैं। इससे अंत्येष्टि में समय लगा रहा है और लोगों को इंतजार करना पड़ रहा है।
घरों में घुसने लगा वरूणा का पानी
वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ ही सहायक नदी वरूणा में भी पहल प्रवाह हो रहा है। इसके चलते वरूणा का जलस्तर भी तेजी से बढ़ गया है। वरूणा का पानी आसपास के इलाकों में भर रहा है और घरों में घुस रहा है। ऐसे में तटवर्ती इलाकों में रहने वाले दर्जनों परिवार राहत शिविरों में शरण लेने को विवश हैं।
219 राहत शिविरों में 935 ने ली शरण
प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार वाराणसी में बाढ़ से 11 वार्ड/मोहल्ले आंशिक रूप से प्रभावित हुए हैं। वरूणा नदी के बाढ़ से जनपद में 328 परिवारों के 1388 व्यक्ति प्रभावित हुए हैं। जिले में 13 बाढ़ राहत शिविर बनाए गए हैं। 219 प्रभावित परिवारों के 935 व्यक्ति राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं। जिला प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य के लिए 32 नावों का इंतजाम किया है।
वाराणसी में गंगा का खतरे का बिंदु
वाराणसी में गंगा का चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर और खतरे का बिंदु 71.262 मीटर है। वहीं बाढ़ का उच्चतम स्तर 73.901 मीटर है। केंद्रीय जल आयोग के साथ ही प्रशासन की ओर से हालात की लगातार निगरानी की जा रही है। वहीं राहत और बचाव कार्य जारी है।