चंद्रग्रहण के कारण एक घंटे देरी से हुई दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती, उमड़े श्रद्धालु, 35 वर्षों में छठवीं बार बदला आरती का समय

दशाश्वमेध घाट की विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती मंगलवार की शाम एक घंटे की देरी से संपन्न की गई। चंद्रग्रहण के चलते आरती के समय में बदलाव किया गया। मोक्ष काल के बाद विधिविधान से गंगा आरती की गई। रंगोत्सव की पूर्व संध्या पर होने वाली गंगा आरती देखने के लिए हजारों की तादाद में देसी-विदेशी सैलानी व श्रद्धालु घाट पर उमड़ पड़े।
 

वाराणसी। दशाश्वमेध घाट की विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती मंगलवार की शाम एक घंटे की देरी से संपन्न की गई। चंद्रग्रहण के चलते आरती के समय में बदलाव किया गया। मोक्ष काल के बाद विधिविधान से गंगा आरती की गई। रंगोत्सव की पूर्व संध्या पर होने वाली गंगा आरती देखने के लिए हजारों की तादाद में देसी-विदेशी सैलानी व श्रद्धालु घाट पर उमड़ पड़े।  

दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती सामान्यतः शाम 6:15 बजे शुरू होती है। हालांकि मंगलवार को चंद्रग्रहण के चलते शाम 7:30 बजे प्रारंभ की गई और पूरी पारंपरिक विधि-विधान के साथ सम्पन्न हुई। गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा ने बताया कि भारतीय समयानुसार चंद्रग्रहण दोपहर 3:20 बजे शुरू हुआ और शाम 6:47 बजे समाप्त हुआ। ग्रहण काल को ध्यान में रखते हुए शास्त्रीय परंपराओं के अनुरूप आरती के समय में बदलाव किया गया। ग्रहण मोक्ष के बाद विधिवत शुद्धिकरण एवं तैयारी के उपरांत आरती आरंभ हुई।

उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष 7 सितंबर 2025 को भी चंद्रग्रहण के कारण आरती दोपहर 12 बजे कराई गई थी। बीते 35 वर्षों में यह छठी बार है जब ग्रहण के चलते गंगा आरती के समय में परिवर्तन करना पड़ा है। इससे पहले 28 अक्टूबर 2023, 16 जुलाई 2019, 27 जुलाई 2018 और 7 अगस्त 2017 को भी ग्रहण के कारण आरती दिन में संपन्न कराई गई थी। समय परिवर्तन के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं दिखी और बड़ी संख्या में लोग मां गंगा की आरती में शामिल हुए।

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