बाबा विश्वनाथ के धाम में प्रथम पूज्य की पूजा-अर्चना, गणेश चतुर्थी का भव्य आयोजन, गूंजे गणपति के जयकारे 

श्री काशी विश्वनाथ धाम में सोमवार को गणेश चतुर्थी का पर्व हर्षोल्लास और धार्मिक आस्था के साथ मनाया गया। मंदिर परिसर में विधि-विधान से प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश का पूजन-अनुष्ठान संपन्न कराया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं, काशीवासियों, मंदिर न्यास के अधिकारियों एवं कर्मचारियों, सहायक अर्चकों और शास्त्रीगण की उपस्थिति रही। गणपति के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा।
 

वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ धाम में सोमवार को गणेश चतुर्थी का पर्व हर्षोल्लास और धार्मिक आस्था के साथ मनाया गया। मंदिर परिसर में विधि-विधान से प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश का पूजन-अनुष्ठान संपन्न कराया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं, काशीवासियों, मंदिर न्यास के अधिकारियों एवं कर्मचारियों, सहायक अर्चकों और शास्त्रीगण की उपस्थिति रही। गणपति के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा।

सनातन परंपरा में भगवान गणेश को प्रथम पूज्य और विघ्नहर्ता माना गया है। मान्यता है कि भगवान गणेश की आराधना से शुभ कार्यों में आने वाले विघ्न दूर होते हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। गणेश चतुर्थी के अवसर पर मंदिर परिसर में विशेष पूजन के दौरान भगवान गणेश से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की गई।

मंगलमूर्ति की आराधना में जुटे श्रद्धालु
मंदिर प्रशासन के अधिकारियों और कार्मिकों के साथ सहायक अर्चकों एवं शास्त्रियों ने मंगलाचरण और मंत्रोच्चार के बीच पूजन संपन्न कराया। श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश का स्मरण कर अपने परिवार और समाज के कल्याण की प्रार्थना की।

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की ओर से सभी सनातन श्रद्धालुओं के मनोरथ पूर्ण होने और उनके जीवन में सुख-शांति की मंगलकामना की गई। आयोजन के दौरान ‘जय श्री गणेश’ और ‘हर हर महादेव’ के जयघोष गूंजते रहे। मंदिर परिसर में गणेश उत्सव ने धार्मिक उल्लास और आध्यात्मिक वातावरण को और गहरा कर दिया।