हर वार्ड में बांटे जाएंगे मुफ्त पौधे, पौधारोपण महायज्ञ को जनआंदोलन बनाने की तैयारी, राज्यमंत्री ने तैयारियों का जाना हाल 

12 जुलाई को प्रस्तावित पौधारोपण महायज्ञ–2026 को जनभागीदारी के साथ सफल बनाने के लिए शुक्रवार को सर्किट हाउस सभागार में व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश सरकार के स्टाम्प एवं शुल्क पंजीयन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल ने की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वृक्षारोपण कार्यक्रम की सभी तैयारियां समय से पूरी कर ली जाएं और पौधारोपण के साथ-साथ उनके संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।
 

वाराणसी। 12 जुलाई को प्रस्तावित पौधारोपण महायज्ञ–2026 को जनभागीदारी के साथ सफल बनाने के लिए शुक्रवार को सर्किट हाउस सभागार में व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश सरकार के स्टाम्प एवं शुल्क पंजीयन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल ने की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वृक्षारोपण कार्यक्रम की सभी तैयारियां समय से पूरी कर ली जाएं और पौधारोपण के साथ-साथ उनके संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।

बैठक में मंत्री ने कहा कि वृक्षारोपण महायज्ञ केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, जलवायु संतुलन और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का अभियान है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए ताकि कार्यक्रम प्रभावी और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।

समीक्षा के दौरान पौधारोपण स्थलों के चयन, गड्ढों की खुदाई, गुणवत्तापूर्ण पौधों की उपलब्धता, सुरक्षित परिवहन, सिंचाई, पौधों के संरक्षण, जियो टैगिंग, विभागवार लक्ष्य और नोडल अधिकारियों की जिम्मेदारियों सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक स्थल पर आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित कर ली जाएं, जिससे अभियान के दिन किसी प्रकार की असुविधा न हो।

रवींद्र जायसवाल ने निर्देश दिया कि नगर के प्रत्येक वार्ड में एक उपयुक्त स्थान या चौराहे का चयन कर वहां पर्याप्त संख्या में पौधे उपलब्ध कराए जाएं और वार्डवासियों को निःशुल्क वितरित किए जाएं। उनका कहना था कि इससे अधिक से अधिक लोग वृक्षारोपण अभियान से जुड़ेंगे। उन्होंने काशी की सांस्कृतिक पहचान को ध्यान में रखते हुए पान और कत्था के पौधों के साथ शहतूत, अर्जुन, चिरौंजी, महुआ जैसे उपयोगी एवं पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण पौधों के वितरण और रोपण पर भी जोर दिया। 

साथ ही मुख्य मार्गों, सड़क डिवाइडरों, औद्योगिक क्षेत्रों, विकसित हो रही टाउनशिप, बस स्टॉप और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर सघन वृक्षारोपण कराने के निर्देश दिए। श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर में भी उपयुक्त स्थानों पर बेल के पौधे लगाने का सुझाव दिया गया। मंत्री ने काशीवासियों से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि अंतिम संस्कार में बड़ी मात्रा में लकड़ी की आवश्यकता पड़ती है, जिसके लिए पेड़ों की कटाई होती है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को इतने पौधे लगाने चाहिए कि वह प्रकृति पर अपने कर्ज की भरपाई पहले ही कर सके। उन्होंने सभी नागरिकों से "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल का संकल्प लेने का आग्रह किया।

बैठक में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि विद्यालयों, ग्राम पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों, स्वयंसेवी संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सभी ग्राम पंचायतों में पौध भंडारा आयोजित कर ग्रामीणों और किसानों को पौधे वितरित करने के निर्देश भी दिए। विद्यालयों में बच्चों के बीच गीत-संगीत, निबंध और चित्रकला प्रतियोगिताओं के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।

बैठक में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक शंभू कुमार, प्रभागीय वनाधिकारी निधि चौहान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और नगर के पार्षद उपस्थित रहे। सभी विभागों ने निर्धारित समयसीमा के भीतर तैयारियां पूरी करने का भरोसा दिलाया।