मणिकर्णिका कॉरिडोर की रफ्तार न रोके बाढ़, डीएम बोले- निचले हिस्से में काम रुके तो ऊपरी स्तर पर रखें जारी
वाराणसी। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने शनिवार को निर्माणाधीन मणिकर्णिका घाट कॉरिडोर का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति परखी। गंगा में बाढ़ के कारण निचले स्तर पर निर्माण प्रभावित होने की स्थिति को देखते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि ऊपरी हिस्सों में उपलब्ध काम को लगातार जारी रखा जाए, ताकि परियोजना की रफ्तार न थमे। उन्होंने कॉरिडोर में आवागमन, शौचालय, साफ-सफाई और अंतिम संस्कार से जुड़ी व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्य पूरा करने को कहा। इसके बाद डीएम ने बालाजी घाट और निर्माणाधीन यूनिटी मॉल का भी निरीक्षण किया।
ड्रॉइंग और नक्शे से समझी कॉरिडोर की प्रगति
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने परियोजना प्रमुख और संबंधित अधिकारियों से निर्माण की मौजूदा स्थिति तथा आगे होने वाले कार्यों की जानकारी ली। मौके पर मौजूद ड्रॉइंग और नक्शों के आधार पर अलग-अलग निर्माण कार्यों को जांचा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि परियोजना को निर्धारित समय में पूरा करने के लिए आवश्यक तैयारियां पहले ही सुनिश्चित कर ली जाएं।डीएम ने एमेनिटी ब्लॉक का निरीक्षण करते हुए पाया कि सभी छतों की ढलाई पूरी हो चुकी है। उन्होंने शेष ईंट का काम तत्काल शुरू कराने के निर्देश दिए।
अंतिम संस्कार के लिए आने वालों को रैम्प से मिलेगी सहूलियत
मणिकर्णिका घाट पर आमजन और लकड़ी विक्रेताओं के आवागमन के लिए बनाए जा रहे रैम्प को भी डीएम ने देखा। उन्होंने कहा कि रैम्प का निर्माण भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जाए। अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों और लकड़ी विक्रेताओं को आवागमन में परेशानी न हो तथा रास्ता सुरक्षित और सुगम रहे।परियोजना प्रमुख आदित्य सिंह के साथ डीएम ने घाट पर आने वाली फूल-माला, कफन और अन्य सामग्री के निस्तारण की व्यवस्था पर भी चर्चा की। उन्होंने इसके लिए पहले से स्थान निर्धारित कर जरूरी व्यवस्था विकसित करने को कहा, ताकि कॉरिडोर बनने के बाद परिसर में गंदगी और अव्यवस्था की स्थिति पैदा न हो।
बाढ़ में भी चालू रहे शौचालय की व्यवस्था
कॉरिडोर क्षेत्र में पर्याप्त शौचालय नहीं होने से लोगों को होने वाली परेशानी का मुद्दा भी निरीक्षण के दौरान उठा। डीएम ने पर्याप्त शौचालय की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। विशेष रूप से ऐसी व्यवस्था विकसित करने को कहा, जिससे बाढ़ के दौरान भी शौचालयों का इस्तेमाल किया जा सके।
यूनिटी मॉल में काम की रफ्तार बढ़ाने के निर्देश
इसके बाद जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन बालाजी घाट का निरीक्षण कर भौतिक प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्माणाधीन **यूनिटी मॉल** का भी स्थलीय निरीक्षण किया और मॉडल के जरिए पूरी परियोजना को समझा। कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता को निर्माण की गति बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही कार्यस्थल पर गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने को कहा।
निरीक्षण के दौरान एडीएम एफआर सदानंद गुप्ता, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, नगर निगम की टीम, परियोजना प्रमुख, लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता, ठेकेदार के प्रोजेक्ट मैनेजर, परामर्शी के इंजीनियर, मैनेजर, सुपरवाइजर सहित संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।