वाराणसी में और मजबूत होगी अग्निशमन व्यवस्था, बढ़ेगा फायर स्टेशनों का नेटवर्क, कई नए फायर स्टेशनों के निर्माण की तैयारी
राजातालाब के खजुरी में नए फायर स्टेशन को मिली स्वीकृति, कुरू का प्रस्ताव शासन में; सारनाथ-जाल्हूपुर, चौबेपुर, चोलापुर और बीएचयू क्षेत्र में भी बढ़ेगी अग्निशमन सुविधाएं
राजातालाब के खजुरी में नए फायर स्टेशन को शासन से मिली मंजूरी
बड़ागांव के ग्राम कुरू में फायर स्टेशन का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा
सारनाथ-जाल्हूपुर, चौबेपुर और चोलापुर में भूमि मिलते ही भेजे जाएंगे प्रस्ताव
बीएचयू ने भी फायर स्टेशन के लिए भूमि उपलब्ध कराने पर जताई सहमति
वर्तमान में जिले में 5 स्थायी और दो स्थानों पर मौसमी फायर स्टेशन संचालित
नए फायर स्टेशनों से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रिस्पांस टाइम होगा कम
वाराणसी। योगी सरकार वाराणसी की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। बढ़ते शहरी विस्तार, औद्योगिक गतिविधियों, राष्ट्रीय राजमार्गों और ग्रामीण क्षेत्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिले में फायर स्टेशनों के नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है। नए फायर स्टेशनों के निर्माण से अग्निकांड और अन्य आपात स्थितियों में दमकल वाहनों का रिस्पांस टाइम कम होगा तथा जान-माल की सुरक्षा को नई मजबूती मिलेगी।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) आनंद सिंह राजपूत ने बताया कि बड़ागांव के ग्राम कुरू में फायर स्टेशन की स्थापना का प्रस्ताव अग्निशमन मुख्यालय और राज्य सरकार को भेजा जा चुका है। वहीं राजातालाब तहसील के ग्राम खजुरी में नए फायर स्टेशन की स्थापना को शासन से स्वीकृति मिल चुकी है और निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
उन्होंने बताया कि सारनाथ-जाल्हूपुर, चौबेपुर और चोलापुर जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में भी फायर स्टेशन स्थापित करने की योजना है। इसके लिए जिला प्रशासन से निःशुल्क भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। भूमि मिलते ही प्रस्ताव मुख्यालय भेज दिए जाएंगे। इसके अलावा बीएचयू ने भी फायर स्टेशन के लिए भूमि उपलब्ध कराने पर सहमति दी है, जिससे शहर के दक्षिणी और शैक्षणिक क्षेत्र की सुरक्षा और मजबूत होगी।
वर्तमान में वाराणसी में भेलूपुर, चेतगंज, पिंडरा, श्री काशी विश्वनाथ धाम और कोतवाली में कुल पांच स्थायी फायर स्टेशन संचालित हैं। वहीं रोहनिया और चोलापुर में गर्मी के मौसम में अस्थायी फायर स्टेशन संचालित किए जाते हैं, जिन्हें भविष्य में स्थायी स्वरूप देने की योजना है।
नए फायर स्टेशनों के शुरू होने से ग्रामीण क्षेत्रों में फसलों में आग, शहरी इलाकों में भवनों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, औद्योगिक इकाइयों, गोदामों तथा राष्ट्रीय राजमार्गों पर होने वाली दुर्घटनाओं में त्वरित राहत उपलब्ध कराना आसान होगा। इससे अग्निशमन सेवाओं की क्षमता बढ़ेगी और जान-माल की हानि को प्रभावी ढंग से कम किया जा सकेगा।