वाराणसी पहुंचे वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, विपक्ष पर साधा निशाना, बोले-भारत की वैश्विक साख मजबूत, संवाद ही समाधान
वाराणसी। उत्तर प्रदेश सरकार के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना गुरुवार को वाराणसी पहुंचे, जहां उन्होंने सरकार के 9 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार की उपलब्धियों को विस्तार से गिनाते हुए विपक्ष, विशेषकर अखिलेश यादव पर तीखा तंज कसा।
वित्त मंत्री ने कहा कि बीते वर्षों में भारत ने आर्थिक मोर्चे पर उल्लेखनीय प्रगति की है और आज देश ने इंग्लैंड और जापान जैसी अर्थव्यवस्थाओं को पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का परिणाम बताते हुए कहा कि आज विश्व के बड़े-बड़े नेता भारत से सलाह लेते हैं, जो देश के लिए गर्व की बात है।
उन्होंने वैश्विक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि वर्तमान में ऊर्जा संकट और महंगाई जैसी समस्याएं अंतरराष्ट्रीय कारणों से उत्पन्न हुई हैं। सरकार इन चुनौतियों से निपटने के लिए लगातार प्रयासरत है और जहां भी संभावना है, वहां से गैस और तेल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
सुरेश खन्ना ने यह भी कहा कि भारत हमेशा से संवाद और कूटनीति का पक्षधर रहा है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि किसी भी समस्या का समाधान युद्ध से नहीं, बल्कि वार्ता से ही संभव है। यही भारत की विदेश नीति की मूल भावना भी है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश निवेश के लिए सबसे सुरक्षित और अच्छा स्थान बन गया है। इसलिए सभी क्षेत्रों में आपसी समन्वय से बड़े पैमाने पर एक्सप्रेस वे बनाए गए। जब सत्ता में बीजेपी आई थी तो मात्र चार एयरपोर्ट संचालित हो रहे थे। वर्तमान में पांच अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बन गए हैं। इससे कनेक्टिविटी को सहारा मिला है। यूपी में कानून व्यवस्था सुधरी है इसलिए पूरी दुनिया से लोग यहां निवेश करना चाहते हैं।
उन्होंने गैस, पोट्रोल की किल्लत के सवाल पर कहा कि प्रधानमंत्री दुनिया के 40 देशों से पेट्रोलियम पदार्थ और गैस आयात कर रही है। सरकार पूरा प्रयास कर रही है कि देशवासियों को किसी तरह की दिक्कत न होने पाए। ऐसे में लोगों को अफवाहों पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने सरकार की विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता का विश्वास ही सरकार की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह केवल आलोचना की राजनीति करता है, जबकि सरकार विकास और जनकल्याण के एजेंडे पर काम कर रही है। मंत्री के संबोधन के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे, जिन्होंने सरकार की नीतियों पर भरोसा जताया।