अस्पतालों में बुखार के मरीजों के लिए बने फीवर डेस्क, हो रही थर्मल स्क्रीनिंग
वाराणसी। स्वाइन फ्लू के बढ़ते खतरे को देखते हुए जिले के सरकारी अस्पतालों में बुखार से पीड़ित मरीजों की जांच और निगरानी तेज कर दी गई है। मरीजों में बुखार के साथ स्वाइन फ्लू जैसे लक्षणों की पहचान के लिए अस्पतालों में अलग से फीवर डेस्क बनाए गए हैं। यहां पहुंचने वाले मरीजों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर सरकारी अस्पतालों में मरीजों की जांच के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। बुखार की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों की प्राथमिक जांच फीवर डेस्क पर की जा रही है। चिकित्सकों के अनुसार बुखार के साथ खांसी, जुकाम, गले में खराश अथवा सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण मिलने पर मरीज की स्थिति के अनुसार आगे की जांच कराई जा रही है।
जिले के सरकारी अस्पतालों में बेड रिजर्व रखने के साथ ही फीवर डेस्क बनाए गए हैं। राजकीय अस्पतालों में स्वास्थ्य केंद्रों पर बुखार से पीड़ित मरीजों की स्क्रीनिंग की जा रही है। इसके लिए अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों के मुताबिक स्वाइन फ्लू और अन्य मौसमी संक्रमणों को लेकर किसी तरह की लापरवाही न हो, इसके लिए अस्पतालों में आने वाले बुखार पीड़ित मरीजों पर विशेष नजर रखी जा रही है। संदिग्ध लक्षण मिलने पर मरीजों की जांच और आवश्यक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
जांच में लापरवाही न बरतने के निर्देश
सीएमओ डॉ. एसएन सिंह ने बताया कि बुखार वाले मरीजों के बारे में सही जानकारी मिलने और संभावित संक्रमण की पहचान के उद्देश्य से फीवर डेस्क बनाए गए हैं। मरीजों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि किसी मरीज में स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देते हैं तो उसकी तुरंत जांच कराई जानी चाहिए। इससे समय रहते बीमारी की पहचान कर उपचार शुरू किया जा सकेगा।