वाराणसी में फर्जी मैट्रिमोनियल कॉल सेंटर का भंडाफोड़, प्रतिष्ठित कंपनी का नाम लेकर करते थे लोगों से ठगी, 10 महिलाएं गिरफ्तार
वाराणसी। प्रदेश व्यापी साइबर अपराध विरोधी अभियान "Cy-Vazra" के तहत वाराणसी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। साइबर क्राइम सेल और कैंट थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने अर्दली बाजार स्थित विध्यवासिनी नगर कॉलोनी में संचालित एक फर्जी महिला कॉल सेंटर का भंडाफोड़ करते हुए 10 महिलाओं को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि यह गिरोह प्रतिष्ठित मैट्रिमोनियल संस्था Shubhmatrimonial के नाम और लोगो का दुरुपयोग कर देशभर के युवक-युवतियों से लाखों रुपये की ठगी कर रहा था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी अखबारों में फर्जी मैट्रिमोनियल विज्ञापन प्रकाशित कराते थे। विज्ञापन में दिए गए मोबाइल नंबरों पर संपर्क करने वाले लोगों को खुद को शुभमैट्रिमोनियल का प्रतिनिधि बताकर शादी के लिए बेहतर रिश्ते उपलब्ध कराने का झांसा दिया जाता था। इसके बाद लाइफटाइम सब्सक्रिप्शन, प्रोफाइल शेयरिंग और रजिस्ट्रेशन के नाम पर ₹5,000 से ₹15,000 तक की रकम वसूली जाती थी। पैसा मिलने के बाद न तो कोई रिश्ता उपलब्ध कराया जाता था और न ही रकम वापस की जाती थी। पीड़ितों के नंबर ब्लॉक कर दिए जाते थे या इस्तेमाल किए जा रहे सिम बदल दिए जाते थे।
जांच में सामने आया है कि गिरोह अब तक करीब 600 से 700 लोगों को अपना शिकार बना चुका है। प्रारंभिक जांच में ठगी की कुल रकम लगभग ₹10 लाख आंकी गई है। पुलिस ने मौके से बड़ी संख्या में सिम कार्ड, फर्जी दस्तावेज, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य बरामद किए हैं। डीसीपी क्राइम नीतू कादयान ने बताया कि इस मामले की शुरुआत एनसीआरपी पोर्टल पर मिली शिकायत से हुई थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तथ्यों का सत्यापन किया गया और एसीपी कैंट के निर्देशन में छापेमारी कर फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया गया। जांच में पता चला कि गिरोह की सरगना रागिनी देवी, निवासी फूलपुर (वाराणसी), इस पूरे नेटवर्क का संचालन कर रही थी।
पुलिस के अनुसार, गिरोह केवल वाराणसी तक सीमित नहीं था। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, लखनऊ और चंडीगढ़ सहित कई राज्यों से लोगों ने इनसे संपर्क किया था। भुगतान फोन, क्यूआर कोड और अन्य डिजिटल माध्यमों से कराया जाता था। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और नेटवर्क की तलाश में जुटी है तथा मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।