स्पीड पोस्ट से पहुंची रंगदारी की चिट्ठी, कारोबारी से मांगे 10 लाख रुपये, भेलूपुर के हिस्ट्रीशीटर समेत दो पर मुकदमा
वाराणसी। भेलूपुर थाना क्षेत्र में एक कारोबारी को स्पीड पोस्ट के जरिए भेजे गए धमकी भरे पत्र से सनसनी फैल गई है। पत्र में कारोबारी से 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई है। इतना ही नहीं, परिवार की गतिविधियों पर नजर रखे जाने का दावा करते हुए रकम न देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी गई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने भेलूपुर के एक हिस्ट्रीशीटर समेत दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
भेलूपुर क्षेत्र के बड़ागंभीर सिंह निवासी कारोबारी विनोद जायसवाल को शनिवार दोपहर स्पीड पोस्ट के माध्यम से एक लिफाफा प्राप्त हुआ। जब उन्होंने पत्र खोला तो उसमें 10 लाख रुपये नकद देने की मांग की गई थी। पत्र की भाषा बेहद धमकी भरी थी और उसमें लिखा गया था कि कारोबारी तथा उनके परिवार की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। साथ ही चेतावनी दी गई थी कि निर्धारित समय के भीतर रकम नहीं पहुंचाई गई तो परिणाम गंभीर हो सकते हैं।
कौशांबी में बुलाकर सौंपने को कहा गया पैसा
धमकी भरे पत्र में रंगदारी की रकम सौंपने के लिए एक स्थान भी तय किया गया था। पत्र के अनुसार कारोबारी को पांच से छह दिनों के भीतर कौशांबी जिले के धुमाई गांव स्थित अझुवा रोड के पास अकेले पहुंचकर 10 लाख रुपये देने थे। पत्र में एक मोबाइल नंबर भी दर्ज था, जिस पर संपर्क करने और आगे के निर्देश लेने को कहा गया था। इस तरह की विस्तृत जानकारी होने से कारोबारी और उनका परिवार भयभीत हो गया।
शिकायत के बाद हरकत में आई पुलिस
मामले की सूचना मिलते ही पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी। कारोबारी की तहरीर और प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर भेलूपुर थाने के हिस्ट्रीशीटर गिरजाशंकर जायसवाल समेत दो आरोपियों के खिलाफ रंगदारी मांगने, धमकी देने और अन्य संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
तकनीकी जांच के साथ तलाश तेज
भेलूपुर थाना प्रभारी दुर्गा सिंह ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस स्पीड पोस्ट से भेजे गए पत्र की पूरी पड़ताल कर रही है। इसके अलावा पत्र में दर्ज मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल, लोकेशन और अन्य तकनीकी जानकारियां भी खंगाली जा रही हैं।
पुलिस डाक विभाग से भी जानकारी जुटा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि पत्र किस डाकघर या स्थान से भेजा गया था। अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे प्रकरण का खुलासा किया जाएगा।