विकास की खुदाई ने बढ़ाई लंका-BHU ट्रामा मार्ग की मुसीबत, धूल–गड्ढों से जूझ रहे राहगीर और व्यापारी, तस्वीरों में देखिये दुर्व्यवस्था 

लंका स्थित रविदास गेट से बीएचयू ट्रामा सेंटर तक जाने वाला मुख्य मार्ग इन दिनों बदहाली का शिकार है। विकास कार्यों के नाम पर बार-बार की गई खुदाई ने सड़क की हालत को पूरी तरह खस्ता बना दिया है। जगह-जगह गड्ढे, अधूरी सड़क और उड़ती धूल ने राहगीरों, स्थानीय नागरिकों और दुकानदारों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। हालात ऐसे हैं कि इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को सांस, दमा और अन्य श्वसन संबंधी बीमारियों का खतरा सताने लगा है।
 

रिपोर्ट : ओमकारनाथ

वाराणसी। लंका स्थित रविदास गेट से बीएचयू ट्रामा सेंटर तक जाने वाला मुख्य मार्ग इन दिनों बदहाली का शिकार है। विकास कार्यों के नाम पर बार-बार की गई खुदाई ने सड़क की हालत को पूरी तरह खस्ता बना दिया है। जगह-जगह गड्ढे, अधूरी सड़क और उड़ती धूल ने राहगीरों, स्थानीय नागरिकों और दुकानदारों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। हालात ऐसे हैं कि इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को सांस, दमा और अन्य श्वसन संबंधी बीमारियों का खतरा सताने लगा है।

इस मार्ग पर सीवर लाइन डालने के बाद कई स्थानों पर सड़क का निर्माण अब तक पूरा नहीं हो पाया है। सड़क के बीचो-बीच गड्ढे बने हुए हैं, वहीं दोनों किनारों पर पटरी पर बालू, ईंटें और सीवर पाइप बिखरे पड़े हैं। इससे सड़क सकरी हो गई है और यातायात व्यवस्था लगातार प्रभावित हो रही है। दिन के अधिकांश समय इस मार्ग पर जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे आमजन के साथ-साथ एंबुलेंस और आपात सेवाओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

उल्लेखनीय है कि एक फरवरी को संत शिरोमणि गुरु रविदास की जयंती मनाई जानी है। लंका का रविदास गेट, रविदास मंदिर जाने का प्रमुख मार्ग है। इसके अलावा इसी रास्ते से लंका थाना, कई स्कूल, पेट्रोल पंप और बीएचयू ट्रामा सेंटर तक पहुंचा जाता है। यह मार्ग शहर के सबसे व्यस्त और वीवीआईपी मार्गों में शामिल है, जहां से प्रतिदिन लाखों लोगों का आवागमन होता है। बावजूद इसके सड़क की बदहाल स्थिति प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है।

स्थानीय दुकानदार महामाया जनरल स्टोर के संचालक ने बताया कि सड़कों को विकास के नाम पर बार-बार खोदा जाता है। जब सड़क बनकर तैयार होती है, तो कुछ ही समय बाद फिर से खुदाई कर दी जाती है। इससे न केवल सड़क खराब हो जाती है, बल्कि धूल और मिट्टी उड़ने से दुकानों में रखा सामान भी प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि ग्राहक दुकान पर आते ही सबसे पहले सामान की एक्सपायरी डेट देखने लगते हैं, जबकि सामान नया होता है, लेकिन धूल जमने के कारण लोग उसे खराब समझ लेते हैं। दुकानदारों की मांग है कि कार्य एक बार में ही पूरा किया जाए।

स्थानीय नागरिक सत्यप्रकाश सोनकर ने बताया कि पिछले दो वर्षों में इस मार्ग को कई बार खोदा और बनाया गया, फिर भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। सीवर के चैंबर आज भी जर्जर हालत में हैं और क्षेत्र का एयर क्वालिटी इंडेक्स बेहद खराब स्तर पर पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि इस मार्ग से जुड़े दुकानों, अस्पतालों और स्कूलों में आने-जाने वाले लोगों को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संबंधित ठेकेदारों से मांग की कि सभी निर्माण कार्य एक साथ और स्थायी रूप से किए जाएं, ताकि बार-बार सड़क तोड़ने से जनता को राहत मिल सके।

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