वाराणसी में ESIC बनाएगा मेडिकल कॉलेज, श्रमिकों के बच्चों को लिए रिजर्व होंगी 50 प्रतिशत सीटें 

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने वाराणसी को चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी सौगात देने का फैसला किया है। शहर में कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) का 50 सीटों वाला मेडिकल कॉलेज स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना के लिए 13 एकड़ भूमि भारत सरकार को नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। मेडिकल कॉलेज की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह होगी कि इसकी 50 प्रतिशत सीटें श्रमिकों के बच्चों के लिए आरक्षित रहेंगी। राज्य सरकार का दावा है कि इस परियोजना को अगले तीन वर्षों में पूरा कर लिया जाएगा।
 

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने वाराणसी को चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी सौगात देने का फैसला किया है। शहर में कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) का 50 सीटों वाला मेडिकल कॉलेज स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना के लिए 13 एकड़ भूमि भारत सरकार को नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। मेडिकल कॉलेज की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह होगी कि इसकी 50 प्रतिशत सीटें श्रमिकों के बच्चों के लिए आरक्षित रहेंगी। राज्य सरकार का दावा है कि इस परियोजना को अगले तीन वर्षों में पूरा कर लिया जाएगा।

13 एकड़ जमीन भारत सरकार को होगी हस्तांतरित
कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने सोमवार को लोकभवन में मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए वाराणसी में 13 एकड़ भूमि भारत सरकार को नि:शुल्क आवंटित की जाएगी। इस फैसले से मेडिकल कॉलेज की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है और निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद है।

श्रमिकों के बच्चों को मिलेगा विशेष अवसर
प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज में प्रवेश व्यवस्था भी विशेष होगी। मंत्री के अनुसार, कुल सीटों में से 50 प्रतिशत सीटें श्रमिकों के बच्चों के लिए आरक्षित रहेंगी। इसके अलावा 18 प्रतिशत छात्रों का चयन राज्य सरकार और 7 प्रतिशत छात्रों का चयन केंद्र सरकार द्वारा किया जाएगा। इससे श्रमिक परिवारों के बच्चों को चिकित्सा शिक्षा में बेहतर अवसर मिल सकेंगे।

तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य
कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने बताया कि सरकार ने इस परियोजना को प्राथमिकता देते हुए अगले तीन वर्षों के भीतर इसे पूरी तरह कार्यान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। मेडिकल कॉलेज शुरू होने के बाद वाराणसी और आसपास के जिलों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा का नया विकल्प मिलेगा, वहीं क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को भी महत्वपूर्ण मजबूती मिलने की उम्मीद है।